जयपुर, 26 दिसंबर। राजस्थान की राजनीति में अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी सामने आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आरोपों पर पलटवार करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार अरावली पर्वत श्रृंखला के साथ किसी भी प्रकार की छेड़-छाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल के फैसलों पर सवाल उठाते हुए अरावली की परिभाषा बदलने और क्षेत्र में पट्टे जारी करने के मुद्दे को केंद्र में रखा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान अरावली क्षेत्र में भाटा और रेता तक नहीं छोड़ा गया। उन्होंने सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सवाल किया कि वर्ष 2002-03 और 2009-10 में अरावली की परिभाषा किसने बदली और कितने पट्टे इस संवेदनशील क्षेत्र में जारी किए गए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गहलोत केवल झूठे बयान देकर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं और तथ्य सामने आने पर उनकी बातें टिक नहीं पाएंगी।

सीएम शर्मा ने कांग्रेस नेताओं पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार सीएए लेकर आई तो कांग्रेस ने हल्ला मचाया, लेकिन उनकी सरकार ने इसे लागू कर दिखाया और विस्थापितों को पट्टे भी प्रदान किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता संविधान बदलने जैसे बयान देकर जनता को गुमराह करते हैं और एसआईआर जैसे मुद्दों पर सवाल उठाते हैं। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में पूछा कि क्या वे घुसपैठियों के समर्थक हैं, और दो टूक कहा कि राज्य में एक भी घुसपैठिया रहने नहीं दिया जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर हमला तेज करते हुए भजनलाल शर्मा ने उन्हें “ट्विट मास्टर” करार दिया और कहा कि उनका जादू अब नहीं चलने वाला है। उन्होंने कहा कि जो बोया गया है, उसका फल भुगतना ही पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चर्चित कथन ‘न खाऊंगा और न खाने दूंगा’ का उल्लेख करते हुए यह भी जोड़ा कि यदि किसी ने गलत किया है तो उससे जवाबदेही तय होगी और पैसा वापस भी आएगा।

अरावली पर्वत श्रृंखला जैसे संवेदनशील पर्यावरणीय विषय पर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ती यह सियासी टकराहट आने वाले समय में और तेज होने के संकेत दे रही है। मुख्यमंत्री के सख्त रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि अरावली संरक्षण को लेकर राज्य सरकार कोई समझौता करने के मूड में नहीं है।

Pratahkal Newsroom

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