थाना नारायण विहार में गूंजी बच्चों की किलकारियां: पुलिस और मासूमों के बीच विश्वास का बना नया सेतु
जयपुर के नारायण विहार थाने में आयोजित विशेष कार्यक्रम में बच्चों ने पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से जाना। साइबर सुरक्षा, पॉक्सो कानून और बाल विवाह विरोधी नाटक ने ऐसा संदेश दिया जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

जयपुर के नारायण विहार थाने में शैक्षणिक भ्रमण के दौरान थानाधिकारी गुंजन सोनी और पुलिस स्टाफ के साथ एनजीओ के बच्चे समूह फोटो के लिए मुस्कुराते हुए।
आमतौर पर पुलिस थाने का नाम सुनते ही लोगों के मन में गंभीरता और औपचारिकता की छवि उभरती है, लेकिन जयपुर दक्षिण जिले के नारायण विहार थाना परिसर में मंगलवार को कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां बच्चों की किलकारियों, उत्साह और जिज्ञासा ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। बच्चों और पुलिस के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने कानून व्यवस्था की व्यवस्था को एक मानवीय और संवेदनशील स्वरूप में प्रस्तुत किया।
थानाधिकारी गुंजन सोनी की पहल पर एक स्थानीय गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) से जुड़े बच्चों को थाना परिसर का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक व्यवस्था और कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को बेहद सहज और दोस्ताना वातावरण में बताया कि एफआईआर क्या होती है, इसे कैसे दर्ज किया जाता है तथा शिकायतों पर किस प्रकार कार्रवाई की जाती है। बच्चों को थाना परिसर के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण भी कराया गया, जिसमें लॉकअप सहित पुलिसकर्मियों की दैनिक कार्यशैली को करीब से देखने का अवसर मिला। इस अनुभव ने बच्चों में उत्सुकता और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। थानाधिकारी गुंजन सोनी ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को ध्यान में रखते हुए बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग, सोशल मीडिया और इंटरनेट उपयोग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही पॉक्सो एक्ट, कम्युनिटी सर्विस तथा देश में लागू नए कानूनों की जानकारी सरल और सहज भाषा में साझा की गई, ताकि बच्चे अपने अधिकारों और कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक हो सकें तथा आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी भय के पुलिस से संपर्क कर सकें।
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली क्षण तब सामने आया जब एनजीओ के बच्चों ने बाल विवाह की रोकथाम विषय पर एक मार्मिक नाट्य प्रस्तुति दी। अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से बच्चों ने यह संदेश दिया कि बाल विवाह किस प्रकार बच्चों के बचपन, शिक्षा और भविष्य को प्रभावित करता है। प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। बच्चों की जागरूकता और प्रतिभा से प्रभावित होकर थानाधिकारी गुंजन सोनी एवं पुलिस स्टाफ ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया और उनकी सराहना की।
कार्यक्रम के समापन पर पुलिस का संवेदनशील और मानवीय पक्ष भी सामने आया। थानाधिकारी गुंजन सोनी द्वारा सभी बच्चों को चॉकलेट, स्नैक्स और रिफ्रेशमेंट वितरित किए गए। पुलिसकर्मियों के स्नेह और आत्मीय व्यवहार से बच्चे बेहद खुश नजर आए। बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले उन्हें पुलिस से डर लगता था, लेकिन इस मुलाकात के बाद उनके मन में पुलिस के प्रति विश्वास और अपनापन बढ़ा है।
यह पहल केवल एक शैक्षणिक भ्रमण तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों और पुलिस के बीच विश्वास, जागरूकता और सहयोग के नए संबंध स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

Pratahkal Bureau
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