जयपुर में पुलिसिंग को जनोन्मुखी बनाने पर जोर, सकारात्मक व्यवहार और जनविश्वास पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
जयपुर के आईआईएचएमआर विश्वविद्यालय में पुलिसिंग में सकारात्मक व्यवहार पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। एडीजी लता मनोज कुमार ने जनविश्वास मजबूत करने के लिए संवेदनशीलता, सहानुभूति, तनाव प्रबंधन और प्रभावी संवाद कौशल के महत्व पर जोर दिया।

जयपुर के आईआईएचएमआर विश्वविद्यालय में आयोजित पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि एडीजी लता मनोज कुमार (दाएं से दूसरी) का सम्मान करते आयोजक।
जयपुर में पुलिस और आमजन के बीच विश्वास मजबूत करने तथा पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील, जनोन्मुखी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार, 17 अक्टूबर को संपन्न हुआ। आईआईएचएमआर विश्वविद्यालय, जयपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के सकारात्मक व्यवहार, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सहानुभूति, आत्म-जागरूकता, तनाव प्रबंधन और प्रभावी संवाद कौशल को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
उदय पारीक एचआरडी रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सामुदायिक पुलिसिंग एवं जन शिकायत, लता मनोज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने सकारात्मक व्यवहार को प्रभावी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि पुलिस की कार्यशैली में संवेदनशीलता, धैर्य और सहानुभूति की विशेष भूमिका है।
उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनना, उनकी परिस्थितियों को समझना और सम्मानजनक व्यवहार के साथ संवाद करना पुलिस एवं नागरिकों के बीच विश्वास मजबूत बनाता है। पुलिसकर्मियों का व्यवहार न केवल नागरिकों के अनुभव को प्रभावित करता है, बल्कि पुलिस की छवि और उसकी कार्यप्रणाली के प्रति आमजन के भरोसे को भी निर्धारित करता है।
प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि प्रभावी पुलिसिंग केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है। इसके लिए पुलिसकर्मियों में आत्म-जागरूकता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और तनाव प्रबंधन की क्षमता के साथ कठिन परिस्थितियों में संतुलित व्यवहार बनाए रखना भी आवश्यक है।
कार्यक्रम में संवादात्मक गतिविधियों, भूमिका-अभिनय, समूह चर्चाओं और व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों को नागरिकों की बात ध्यानपूर्वक सुनने, प्रभावी संवाद स्थापित करने तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संयम बनाए रखने के तरीके सिखाए गए। इन अभ्यासों का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना था, जिनमें संवेदनशीलता और संतुलित संवाद की आवश्यकता होती है।
कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों में ऐसी कार्यशैली विकसित करना था, जिससे आमजन पुलिस के साथ सहजता से संवाद कर सकें। सकारात्मक व्यवहार, संवेदनशीलता और प्रभावी संवाद कौशल को पुलिसिंग का हिस्सा बनाने पर दिया गया जोर पुलिस एवं नागरिकों के बीच संबंध मजबूत करने और जनविश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।

