जयपुर में पेंशनर्स की समस्याओं के त्वरित समाधान और लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए आज एक साथ तीन स्थानों पर पेंशन अदालतें आयोजित की जाएंगी। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की पहल पर शुरू की जा रही इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल पेंशन संबंधी प्रकरणों की सुनवाई करना नहीं, बल्कि लंबित मामलों की फाइलों को गति देकर उन्हें समाधान तक पहुंचाना है।

पुलिस मुख्यालय (PHQ), पुलिस विभाग और PHED सहित तीन केंद्रों पर पेंशन अदालतों में सुनवाई होगी। मुख्य सचिव सुबह 11 बजे पुलिस मुख्यालय पहुंचकर पुलिस विभागीय पेंशनर्स की समस्याएं सुनेंगे। सेवानिवृत्त कार्मिकों एवं उनके आश्रितों की पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर संबंधित विभागों के बीच समन्वय कर त्वरित निस्तारण की कार्रवाई की जाएगी।

पेंशन निर्धारण, बकाया भुगतान और अन्य लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निपटाने की कवायद की जाएगी। मुख्य सचिव सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक पेंशन अदालतों का निरीक्षण करेंगे और वहां की व्यवस्थाओं तथा प्रकरणों की समीक्षा करेंगे।

राजस्थान में यह पहल भारत सरकार में किए गए ऐसे प्रयोगों से प्रेरणा लेकर प्रशासनिक नवाचार के रूप में लागू की गई है। इसके पीछे यह सोच है कि वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त कार्मिकों को पेंशन संबंधी मामलों के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और समाधान को उनके करीब लाया जा सके।

पेंशन अदालतों के माध्यम से पेंशन व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, सहज और उत्तरदायी बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। प्रशासनिक सुधार के इस नए क्षेत्र को लेकर पहल को “It’s a new area of reform” के रूप में रेखांकित किया गया है। राजस्थान में शुरू की गई यह व्यवस्था सेवानिवृत्त कार्मिकों के सम्मान और सुगम पेंशन व्यवस्था की दिशा में प्रशासनिक नवाचार के रूप में सामने आई है।

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