जयपुर। पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के तहत जयपुर जिले में मतदान के दिनों में संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य तथा पंच-सरपंच पदों के चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकारी, अर्द्धसरकारी, औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश देना अनिवार्य होगा। इस प्रावधान की अवहेलना करने वाले नियोजकों के खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) संदेश नायक ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित चुनाव कार्यक्रम एवं समय-सारणी में संशोधन के अनुसार जयपुर जिले में पंचायतीराज चुनाव के लिए चार चरणों में मतदान की तिथियां निर्धारित की गई हैं। प्रथम चरण का मतदान संपन्न हो चुका है। द्वितीय चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 28 अक्टूबर तथा पंच-सरपंच पदों के लिए 30 अक्टूबर को मतदान होगा।

इसी क्रम में तृतीय चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 3 नवंबर तथा पंच-सरपंच पदों के लिए 5 नवंबर को मतदान निर्धारित है। चतुर्थ चरण में सदस्य पदों के लिए 14 नवंबर और पंच-सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान होगा।

संदेश नायक ने बताया कि निर्धारित मतदान तिथियों पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में स्थित सभी सरकारी एवं अर्द्धसरकारी कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इसके साथ ही परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 25 के अंतर्गत भी संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान दिवस पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा, ताकि मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। यदि किसी क्षेत्र में पुनर्मतदान की स्थिति बनती है, तो वहां पुनर्मतदान की निर्धारित तिथि को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, मतदान दिवस पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत सभी कार्मिकों को सवैतनिक अवकाश देना होगा। इसमें आकस्मिक कामगार भी शामिल हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को बिना वेतन कटौती के अपने मताधिकार का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से उपयोग करने का अवसर देना है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे कार्मिक भी सवैतनिक अवकाश के पात्र होंगे, जो संबंधित पंचायतीराज निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, लेकिन अपने निर्वाचन क्षेत्र से अलग किसी अन्य स्थान पर कार्यरत हैं। ऐसे कर्मचारियों को भी नियमानुसार मतदान की निर्धारित तिथियों पर सवैतनिक अवकाश देय होगा।

संदेश नायक ने चेतावनी दी कि यदि कोई नियोजक इन प्रावधानों की अवहेलना करते हुए मतदान के दिन किसी कर्मचारी को मताधिकार का उपयोग करने के लिए अवकाश नहीं देता है, तो उसके खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को तथ्यात्मक विवरण के साथ अवगत कराया जा सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं नियोजकों से चुनाव संबंधी आदेशों की पालना सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस व्यवस्था के तहत जयपुर जिले में निर्धारित मतदान तिथियों पर कर्मचारियों को मतदान का अवसर देने के साथ सार्वजनिक अवकाश और सवैतनिक छुट्टी के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

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