जयपुर में पंचायतीराज आम चुनाव के लिए अधिग्रहित वाहनों को अन्यत्र ले जाने और निर्वाचन ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया है। इस लापरवाही पर प्रादेशिक परिवहन एवं सड़क सुरक्षा अधिकारी, जयपुर (प्रथम) ने तीन वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर तीन कार्य दिवस में स्पष्टीकरण मांगा है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर संबंधित वाहनों के परमिट निलंबित या निरस्त किए जा सकते हैं।

प्रादेशिक परिवहन अधिकारी जयपुर (प्रथम) चम्पालाल ने बताया कि पंचायतीराज आम चुनाव के तहत निर्वाचन कार्य के लिए तीन वाहनों का अधिग्रहण किया गया था। इनमें वाहन संख्या आरजे 14 टीएच 3083 (मारुति टूर एस सीएनजी), जिसके मालिक अशोक कुमार बैरवा हैं, को माधोराजपुरा में चुनाव कार्य के लिए अधिग्रहित किया गया था। वहीं, वाहन संख्या आरजे 14 टीजी 9479 (मारुति टूर एस सीएनजी), वाहन मालिक शुभम गुर्जर और वाहन संख्या आरजे 14 टीएच 8880 (मारुति डिजायर जेडएक्सआई), वाहन मालिक श्रीनिवास को कोटखावदा पंचायत समिति में निर्वाचन कार्य के लिए लगाया गया था।

अधिग्रहण के बाद संबंधित वाहन मालिकों ने वाहनों को निर्धारित स्थान से अन्यत्र ले लिया। इसके साथ ही फोन कॉल रिसीव नहीं किए और निर्वाचन ड्यूटी पर भी उपस्थित नहीं हुए। इसके चलते इन वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। प्रादेशिक परिवहन एवं सड़क सुरक्षा अधिकारी, जयपुर (प्रथम) ने तीनों वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर तीन कार्य दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

चम्पालाल ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 86 के अंतर्गत संबंधित वाहनों के परमिट निलंबित अथवा निरस्त करने की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव कार्य में लापरवाही बरतने वाले बस मालिकों के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निर्वाचन कार्य के लिए अधिग्रहित वाहनों को अन्यत्र ले जाने और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के मामलों में जारी नोटिस के बाद अब संबंधित वाहन मालिकों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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