जयपुर में चुनाव ड्यूटी से गैरहाजिर 3 गाड़ियों के परमिट सस्पेंड, RTO की कार्रवाई
पंचायत चुनाव ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले वाहन मालिकों पर परिवहन विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत की सख्त कार्रवाई, 30 से 90 दिन तक संचालन पर रोक।

जयपुर में पंचायतीराज आम चुनाव की निर्वाचन ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले तीन वाहन मालिकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। निर्वाचन कार्य के लिए अधिग्रहित वाहनों को अन्यत्र ले जाने और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के मामलों में प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, जयपुर (प्रथम) ने तीन वाहनों के परमिट निलंबित कर दिए हैं। इनमें दो वाहनों के परमिट 90 दिन और एक वाहन का परमिट 30 दिन के लिए निलंबित किया गया है।
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, जयपुर (प्रथम) चम्पालाल ने बताया कि पंचायतीराज आम चुनाव के तहत निर्वाचन कार्य के लिए तीन वाहनों का अधिग्रहण किया गया था। इनमें वाहन संख्या आरजे14टीजी9479 (मारुति टूर एस सीएनजी) के मालिक शुभम गुर्जर का वाहन कोटखावदा पंचायत समिति क्षेत्र में तथा वाहन संख्या आरजे14टीएच3083 (मारुति टूर एस सीएनजी) के मालिक अशोक कुमार बैरवा का वाहन माधोराजपुरा पंचायत समिति क्षेत्र में निर्वाचन कार्य के लिए अधिग्रहित किया गया था। इसी प्रकार वाहन संख्या आरजे14टीजी8880 (मारुति डिजायर जेडएक्सआई) के मालिक श्रीनिवास का वाहन भी कोटखावदा पंचायत समिति क्षेत्र में चुनावी ड्यूटी के लिए अधिग्रहित किया गया था।
अधिग्रहण के बाद संबंधित वाहन मालिकों द्वारा वाहनों को निर्धारित निर्वाचन कार्य से हटाकर अन्यत्र ले जाने, फोन रिसीव नहीं करने और निर्वाचन ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की बात सामने आई। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रादेशिक परिवहन अधिकारी ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 86 के तहत कार्रवाई की।
आदेश के अनुसार, शुभम गुर्जर के वाहन का परमिट 5 नवंबर 2026 से 4 दिसंबर 2026 तक कुल 30 दिवस के लिए निलंबित किया गया है। वहीं, अशोक कुमार बैरवा और श्रीनिवास के वाहनों के परमिट 90 दिवस के लिए निलंबित किए गए हैं।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि परमिट निलंबन की अवधि के दौरान संबंधित वाहनों का किसी भी सार्वजनिक मार्ग पर संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सभी परमिट धारकों को आदेश प्राप्त होने के तीन दिवस के भीतर मूल परमिट कार्यालय में जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में यदि कोई वाहन संचालित पाया जाता है तो उसे जब्त करने के साथ परमिट स्थायी रूप से निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय आदेश के विरुद्ध संबंधित वाहन मालिक आदेश प्राप्ति के 30 दिवस के भीतर राज्य परिवहन अपीलीय अधिकरण, राजस्थान के समक्ष अपील प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्वाचन ड्यूटी के लिए अधिग्रहित वाहनों की जिम्मेदारी से जुड़ी इस कार्रवाई के तहत परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी कार्य में लापरवाही पर परमिट निलंबन के साथ आगे की कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।

