जयपुर: पंच गौरव योजना के तहत जिला स्तरीय आंवला क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित
एक जिला-एक उपज के तहत आंवला प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए दुर्गापुरा में 700 से अधिक किसान और उद्यमी जुटे।

जयपुर के दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में आयोजित आंवला प्रदर्शनी के दौरान उत्पादों का अवलोकन करते जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी और अन्य अधिकारी।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार पंच गौरव योजना के तहत आंवला उत्पादन, मूल्य संवर्धन और किसानों को सशक्त बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में जिला स्तरीय आंवला क्रेता-विक्रेता सम्मेलन एवं प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। जयपुर, 13 फरवरी को पंच गौरव योजना के अंतर्गत “एक जिला-एक उपज” आंवला को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में संपन्न हुआ।
सम्मेलन की मुख्य विशेषताएं
- सम्मेलन में जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से 700 से अधिक किसान, एफपीओ प्रतिनिधि, व्यापारी, प्रसंस्करण इकाइयों के संचालक एवं कृषि उद्यमी शामिल हुए।
- कार्यक्रम ने आंवला उत्पादकों को सीधे क्रेताओं से संवाद का अवसर प्रदान किया, जिससे विपणन के नए मार्ग प्रशस्त हुए।
- उद्यानिकी विभाग द्वारा आंवले की खेती, उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन संभावनाओं पर आधारित एक लघु फिल्म का भी प्रसारण किया गया, जिसे किसानों ने सराहा।
उच्चाधिकारियों एवं विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी एवं कृषि आयुक्त श्रीमती शुभम चौधरी ने किसानों से संवाद करते हुए आंवला उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा:
"किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने, प्रसंस्करण एवं ब्रांडिंग पर ध्यान देने तथा बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्ता उत्पादन सुनिश्चित करना चाहिए।"
मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि सम्मेलन में जयपुर जिले की पंच गौरव उपजों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। स्टॉलों पर पारंपरिक कृषि उत्पादों के साथ उनके मूल्यवर्धित स्वरूप का प्रदर्शन किया गया, जिससे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार विस्तार को बढ़ावा मिला।
आधुनिक तकनीक और प्रदर्शनी का प्रदर्शन
उपनिदेशक उद्यान श्री हरलाल सिंह बिजारनियां ने जानकारी दी कि प्रदर्शनी में निम्नलिखित नवाचारों का प्रदर्शन किया गया:
- आंवला से निर्मित मुरब्बा, कैंडी, जूस, चूर्ण एवं औषधीय उत्पाद।
- आधुनिक कृषि उपकरण, प्रसंस्करण तकनीक, पैकेजिंग, भंडारण एवं गुणवत्ता संवर्धन।
- जयपुर जिले में आंवला उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु संचालित विभिन्न योजनाएं।
वैज्ञानिक तकनीक एवं कृषि नवाचार
कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया:
- असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. योगेश कुमार शर्मा, सेवानिवृत्त प्रोफेसर श्री बी.डी. यादव, सहायक निदेशक श्री राम सिंह शेखावत तथा कृषि अधिकारी श्री सांवरमल यादव ने आंवले की उन्नत कृषि विधियों की जानकारी दी।
- पोषक गुणों एवं उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री मुकेश कुमार मूंड सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। यह सम्मेलन न केवल किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध हुआ, बल्कि कृषि आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करते हुए जयपुर जिले को मूल्य संवर्धन एवं कृषि नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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