जयपुर जिले में ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी पहल के रूप में ‘नरेगा आखर’ अभियान तेजी से प्रभाव दिखा रहा है। जिला प्रशासन जयपुर के इस अभिनव प्रयास ने निरक्षर नरेगा श्रमिकों के जीवन में शिक्षा, वित्तीय समझ और डिजिटल जागरूकता की नई राह खोल दी है।

महात्मा गांधी नरेगा, महिला एवं बाल विकास विभाग, साक्षरता एवं सतत् शिक्षा विभाग तथा प्रारंभिक शिक्षा विभाग के संयुक्त सहयोग से ‘नरेगा आखर’ साक्षरता से सशक्तिकरण कार्यक्रम का शुभारंभ जुलाई 2025 में जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की प्रेरणा से किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य निरक्षर नरेगा श्रमिकों और ग्रामीणों को साक्षरता एवं कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।

अभियान के तहत 21 सितंबर 2025 को आयोजित एसेसमेन्ट टेस्ट में जिले के 46,219 निरक्षर नरेगा श्रमिकों ने भाग लिया, जिनमें से 41,290 श्रमिक सफल घोषित हुए। यह आंकड़ा स्वयं अभियान की व्यापक पहुंच और प्रभावशीलता को दर्शाता है।

इसी क्रम में, एसेसमेन्ट टेस्ट में उत्तीर्ण श्रमिकों के लिए शुक्रवार को जिला परिषद जयपुर के सभागार में उच्च अध्ययन, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता विषयों पर एक कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को “वीबी-जी-राम-जी” की प्रारंभिक जानकारी भी प्रदान की गई, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म की समझ को और मजबूत किया जा सके।

‘नरेगा आखर’ अभियान के अंतर्गत सितंबर 2025 में आयोजित एसेसमेन्ट टेस्ट में उत्तीर्ण प्रत्येक ब्लॉक से उच्च अध्ययन की इच्छुक दो चयनित महिला श्रमिकों को अंकतालिकाओं का वितरण भी किया गया, जो उनके शैक्षणिक भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अति. मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्रामीण विकास), जयपुर श्री ब्रजमोहन गुप्ता ने की। वहीं जिला परियोजना प्रबंधक, राजीविका, जयपुर अनुपमा सक्सेना ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए महिला श्रमिकों एवं नरेगा मेट्स को आवश्यक मार्गदर्शन और जानकारी प्रदान की।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ‘नरेगा आखर’ अभियान का द्वितीय चरण जनवरी 2026 में प्रारंभ किया जाएगा। इसके तहत 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक पंचायत समिति स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे, जबकि 5 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक नरेगा श्रमिकों को वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, सितंबर 2025 के एसेसमेन्ट टेस्ट में उत्तीर्ण वे महिला नरेगा श्रमिक जो 10वीं कक्षा तक उच्च अध्ययन की इच्छुक हैं, उनका साक्षरता एवं सतत् शिक्षा विभाग के माध्यम से सर्वे कराकर औपचारिक शिक्षा प्रारंभ करवाई जाएगी।

कार्यशाला में जिले के समस्त विकास अधिकारी, पंचायत समिति के कार्यक्रम अधिकारी, शिक्षा विभाग के बी.सी.ई.ओ. एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, महिला एवं बाल विकास विभाग के सी.डी.पी.ओ., राजीविका की बैंक सखी, ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत प्रशासक एवं कार्मिक, चयनित नरेगा मेट और महिला श्रमिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

‘नरेगा आखर’ अभियान न केवल साक्षरता का विस्तार कर रहा है, बल्कि ग्रामीण समाज में आत्मविश्वास, जागरूकता और भविष्य निर्माण की मजबूत नींव भी रख रहा है, जो आने वाले वर्षों में जिले के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देगा।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story