जयपुर। भारतीय रेल के सुरक्षित संचालन और यात्री सुविधाओं के विस्तार को लेकर उत्तर पश्चिम रेलवे ने एक निर्णायक कदम उठाया है। जयपुर स्थित मुख्यालय में मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को महाप्रबंधक श्री अमिताभ की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय संरक्षा एवं कार्य समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि रेलवे के लिए यात्री सुरक्षा सर्वोपरि है। इस बैठक में न केवल भविष्य की कार्ययोजनाओं पर मंथन हुआ, बल्कि उन असली नायकों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने अपनी सूझबूझ और तत्परता से संभावित रेल दुर्घटनाओं को टालकर सैकड़ों जिंदगियां बचाईं। बैठक में प्रधान कार्यालय के सभी विभागाध्यक्षों सहित चारों मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े, जिससे यह आयोजन संपूर्ण उत्तर पश्चिम रेलवे के लिए एक रणनीतिक विमर्श का केंद्र बन गया।

महाप्रबंधक श्री अमिताभ ने अपने संबोधन में रेल संचालन की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस वित्त वर्ष में अब तक का प्रदर्शन सराहनीय रहा है, लेकिन वास्तविक सफलता तभी है जब हम निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण समन्वय और सामंजस्य के साथ हासिल करें। उन्होंने विशेष रूप से सर्दियों के मौसम की चुनौतियों का जिक्र करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे रेलवे ट्रैक की फेसिंग, समपार फाटकों को बंद करने और पटरियों के नियमित निरीक्षण में कोई कोताही न बरतें। श्री अमिताभ ने निर्माण परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर देते हुए अधीनस्थ कर्मचारियों की समय-समय पर काउंसलिंग करने और संरक्षा अभियानों को गति देने की बात कही।

बैठक का सबसे गौरवशाली क्षण वह रहा जब महाप्रबंधक ने उन जांबाज रेलकर्मियों को पुरस्कृत किया जिन्होंने अपनी ड्यूटी से आगे बढ़कर मानवता और संरक्षा की मिसाल पेश की। जयपुर मंडल के श्री बाबू लाल मीना (ट्रेकमेंटेनर) ने झर स्टेशन यार्ड में टंग रेल फ्रैक्चर की त्वरित सूचना देकर गंभीर हादसे को रोका, तो वहीं श्री रामचन्द्र कीर (ट्रेकमेंटेनर) ने कड़ाके की ठंड में रात्रि पेट्रोलिंग के दौरान रेल फ्रैक्चर ढूंढ निकाला। अजमेर मंडल के श्री हरकेश मीना (वरिष्ट ड्रेसर) ने साहस का परिचय देते हुए राणा प्रताप नगर में एक व्यक्ति को आत्महत्या करने से रोककर उसे जीवनदान दिया। इसी मंडल के श्री रामदयाल और श्री प्रहलाद मीना ने भी टंग रेल और वेल्ड फ्रैक्चर की समय रहते सूचना देकर रेलगाड़ियों को रुकवाया और सुरक्षा सुनिश्चित की। जोधपुर मंडल के श्री मिट्ठू सिंह (ट्रेक मेनेजर) को भी साइडिंग में रेल फ्रैक्चर पहचानने और स्टेशन मास्टर को समय पर सूचित करने के लिए सम्मानित किया गया।

समीक्षा बैठक के समापन पर महाप्रबंधक ने सभी अधिकारियों को आश्वस्त किया कि मुख्यालय स्तर पर किसी भी कार्य के अनुमोदन में पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि तकनीकी दक्षता और मानवीय सजगता का संगम ही रेलवे को सुरक्षित बना सकता है। यह बैठक केवल आंकड़ों की समीक्षा नहीं थी, बल्कि उत्तर पश्चिम रेलवे के उस संकल्प का प्रदर्शन था, जिसमें तकनीक, बुनियादी ढांचे का विकास और कर्मचारियों की कर्मठता मिलकर एक सुरक्षित रेल सफर की नींव रख रहे हैं।

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