जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2025 में रेल उपभोक्ताओं को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। यात्री सुविधाओं के विस्तार, संरक्षित रेल परिचालन, आधुनिक तकनीक के समावेश और नवाचारों के माध्यम से उत्तर पश्चिम रेलवे ने न केवल अपने बुनियादी ढांचे को सशक्त किया, बल्कि भारतीय रेल के अग्रणी जोनों में अपनी सशक्त पहचान भी स्थापित की है। यह वर्ष उत्तर पश्चिम रेलवे के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, परिचालन उत्कृष्टता और जनहितकारी पहलों से भरपूर रहा।

उत्तर पश्चिम रेलवे पर यह सभी उपलब्धियां श्री अमिताभ, महाप्रबंधक, उत्तर पश्चिम रेलवे के कुशल नेतृत्व और स्पष्ट दिशानिर्देशों के अंतर्गत संभव हो सकीं। उनके मार्गदर्शन में मुख्यालय और सभी मंडलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए यात्री सुविधाओं के उन्नयन, संरक्षित रेल संचालन और तकनीकी नवाचारों को प्राथमिकता दी गई। रेलवे प्रशासन द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता और समयपालनता को सुदृढ़ किया गया।

रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 22 मई 2025 को राजस्थान के देशनोक से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 103 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर पश्चिम रेलवे के अंतर्गत फतेहपुर शेखावाटी, राजगढ़, मंडी डबवाली, गोगामेड़ी और देशनोक रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया गया। इन स्टेशनों पर सर्कुलेटिंग एरिया का सुनियोजित विकास, आगमन एवं प्रस्थान की बेहतर व्यवस्था, सुव्यवस्थित पार्किंग, आधुनिक शौचालय, प्लेटफार्म शेल्टर, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, बेहतर साइनेज, कोच इंडिकेशन बोर्ड और स्टेशन भवन के अग्रभाग का सौंदर्यीकरण किया गया। अमृत स्टेशन योजना के तहत हुए इन विकास कार्यों से राजस्थान के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।

रेल कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करते हुए 25 सितंबर 2025 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नापला, बांसवाड़ा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन नई रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इनमें जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस, बीकानेर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस और उदयपुर सिटी-चंडीगढ़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस शामिल हैं। इन सेवाओं के प्रारंभ से राजस्थान को देश की राजधानी और उत्तर भारत से तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल संपर्क प्राप्त हुआ है।

यात्री सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए श्री अश्विनी वैष्णव, माननीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार ने 16 अक्टूबर 2025 को खातीपुरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में 65 छोटे एवं मध्यम स्टेशनों पर नए प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म उन्नयन एवं विस्तार तथा एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली का लोकार्पण किया। इसी अवसर पर जयपुर-असारवा एक्सप्रेस के सभी वातानुकूलित श्रेणी के यात्रियों के लिए प्रायोगिक तौर पर प्रिंटेड कंबल कवर सुविधा की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना और यात्रियों के मन में कंबलों को लेकर बनी आशंकाओं को दूर करना रहा।

उत्तर पश्चिम रेलवे की पहली अमृत भारत ट्रेन का शुभारंभ अक्टूबर 2025 में मदार जंक्शन से दरभंगा के बीच किया गया। इस सेवा के प्रारंभ से क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हुई और बिहार तथा आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को सीधा लाभ मिला। इसके अतिरिक्त 29 नवंबर 2025 को श्री अश्विनी वैष्णव, माननीय रेल मंत्री और श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, माननीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, भारत सरकार ने जैसलमेर रेलवे स्टेशन से दिल्ली (शकूर बस्ती) के लिए नई रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर रेल मंत्री ने जनभावनाओं के अनुरूप इस ट्रेन का नामकरण ‘स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस’ करने की घोषणा की, जिससे सीमावर्ती और पर्यटन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से सीधी कनेक्टिविटी प्राप्त हुई।

रेलवे की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक जुड़ाव को आमजन से जोड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में “स्टेशन महोत्सव” का आयोजन भी किया गया। 24 जनवरी 2025 को अजमेर स्टेशन और 30 जनवरी 2025 को आबू रोड स्टेशन पर आयोजित स्टेशन महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं और रेलवे की गौरवशाली विरासत को दर्शाती प्रदर्शनियों ने लोगों को आकर्षित किया। इसी क्रम में 7 नवंबर 2025 को बीकानेर रेलवे स्टेशन पर भव्य स्टेशन महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें माननीय केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

रेल संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में उत्तर पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2025-26 के दौरान चूरू-रतनगढ़, काठूवास-अटेली, कुंड-काठूवास और मनहेरू-भिवानी रेलखंडों का दोहरीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इसके साथ ही 256 रूट किलोमीटर में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली और 75 स्टेशनों पर डबल डिस्टेंट सिग्नलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई। लगभग 100 प्रतिशत रेलमार्ग विद्युतीकरण के साथ उत्तर पश्चिम रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता की दिशा में भी उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की।

इन सभी प्रयासों का सीधा परिणाम परिचालन दक्षता में देखने को मिला, जहां वर्ष 2025-26 में उत्तर पश्चिम रेलवे की मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों की समयपालनता 94.53 प्रतिशत रही, जो पूरे भारतीय रेल में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यात्री सुविधाओं, संरक्षित संचालन और नवाचारों के इस समन्वित प्रयास ने उत्तर पश्चिम रेलवे को भविष्य की तेज, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल रेल सेवाओं की मजबूत नींव प्रदान की है।

Pratahkal Bureau

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