जयपुर में हाड़ कंपाती सर्दी के बीच रैन बसेरों का सहारा, आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने आधी रात को परखीं व्यवस्थाएं
जयपुर में बढ़ती सर्दी को देखते हुए नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने आधी रात को रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया। शहर में संचालित 25 रैन बसेरों में निराश्रितों के लिए गर्म बिस्तर, भोजन और अलाव के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उपायुक्त श्याम लाल जांगिड़ के नेतृत्व में निगम की टीमें रात भर गश्त कर खुले में सो रहे लोगों को सुरक्षित आश्रय तक पहुँचा रही हैं ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड की चपेट में न आए।

जयपुर। गुलाबी नगरी में बढ़ते शीत लहर के प्रकोप के बीच नगर निगम जयपुर ने निराश्रितों और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। भीषण सर्दी में कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर न हो, इसी मानवीय दृष्टिकोण के साथ निगम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 25 रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है। बुधवार की सर्द रात में व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी स्वयं सड़कों पर उतरे और कई रैन बसेरों का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को मुस्तैद रहने के कड़े निर्देश दिए।
आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने अपने दौरे के दौरान जे.के. लोन अस्पताल के गेट, सांगानेर पुलिया के नीचे, गांधी नगर रेलवे स्टेशन के सामने और महारानी फार्म पुलिया के नीचे संचालित रैन बसेरों का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां ठहरे लोगों से बातचीत कर मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि रैन बसेरों में केवल छत देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां गरिमापूर्ण जीवन के लिए आवश्यक सभी प्रबंध सुनिश्चित होने चाहिए। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि मॉनिटरिंग में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर निगम जयपुर वर्तमान में 12 स्थायी और 13 अस्थायी रैन बसेरों के माध्यम से सेवा कार्य कर रहा है। इन केंद्रों पर ठहरने वाले व्यक्तियों के लिए गर्म बिस्तर, कंबल, अलाव, स्वच्छ पेयजल और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। डे यूएनएलएम उपायुक्त श्याम लाल जांगिड़ ने इस अभियान की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रैन बसेरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसके लिए होमगार्ड कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक आने वाले व्यक्ति की सामान्य जानकारी रजिस्टर में दर्ज कर उसे तत्काल आश्रय प्रदान किया जा रहा है।
निगम की संवेदनशीलता केवल केंद्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि निगम की टीमें और होमगार्ड्स रात के समय शहर में गश्त भी कर रहे हैं। इस गश्त का मुख्य उद्देश्य सड़कों, फुटपाथों या पुलिया के नीचे सो रहे निराश्रितों को ढूंढकर उन्हें सुरक्षित रूप से रैन बसेरों तक पहुंचाना है। डॉ. गौरव सैनी ने दोहराया कि निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि शहर का कोई भी नागरिक कड़कड़ाती ठंड में असुरक्षित न रहे।
नगर निगम ने इस पुनीत कार्य में आमजन की भागीदारी का आह्वान करते हुए अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति खुले में सोता हुआ नजर आए, तो उसकी सूचना तुरंत निगम के कंट्रोल रूम नंबर 0141-2742900, 2741702, 9667248625 या 8764880136 पर दें। यह पहल न केवल प्रशासनिक सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि कड़ाके की ठंड में ठिठुरते जीवन को बचाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

Pratahkal Bureau
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