जयपुर: उत्तर पश्चिम रेलवे की नई समय सारणी का विमोचन, 1 जनवरी 2026 से बदलेगा ट्रेनों का संचालन
जयपुर में उत्तर पश्चिम रेलवे की नई समय सारणी का विमोचन महाप्रबंधक श्री अमिताभ द्वारा किया गया। 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाली इस समय सारणी में जयपुर, अजमेर, जोधपुर और बीकानेर मंडलों के लिए नई ट्रेनें, समय परिवर्तन, ठहराव और विस्तार शामिल हैं, जिससे रेल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

जयपुर में उत्तर पश्चिम रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पड़ाव उस समय दर्ज हुआ, जब 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाली ट्रेनों की नई समय सारणी का औपचारिक विमोचन किया गया। इस नई समय सारणी के साथ ही रेलवे संचालन में व्यापक बदलावों का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिसका सीधा प्रभाव लाखों यात्रियों पर पड़ेगा।
मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री अमिताभ ने मंडलवार तैयार की गई नई समय सारणी का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर रेलवे प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम की प्रशासनिक और परिचालन महत्ता और भी स्पष्ट हो गई।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण ने जानकारी देते हुए बताया कि नई समय सारणी 01 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। यह समय सारणी उत्तर पश्चिम रेलवे के चारों मंडलों—जयपुर, अजमेर, जोधपुर और बीकानेर—के लिए अलग-अलग रूप में जारी की जा रही है, ताकि प्रत्येक मंडल की परिचालन आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समाहित किया जा सके।
नई समय सारणी में कई अहम परिवर्तन शामिल किए गए हैं। इनमें नई ट्रेनों का संचालन, मौजूदा ट्रेनों के मार्गों का विस्तार, फेरों में वृद्धि, ट्रेन संख्याओं में बदलाव, नए ठहराव और विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों के आगमन व प्रस्थान समय में किए गए संशोधन शामिल हैं। इन परिवर्तनों का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुगम, समयबद्ध और सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध कराना है।
समय सारणी के विमोचन के दौरान महाप्रबंधक श्री अमिताभ के साथ प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक श्री मदन देवड़ा, मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक सुश्री मैत्रेई चारण, उप मुख्य परिचालन प्रबंधक (कोचिंग) श्री रमेश वशिष्ठ तथा उप महाप्रबंधक (सामान्य) श्री शशांक भी मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस पहल की रणनीतिक और परिचालन गंभीरता को रेखांकित किया।
उत्तर पश्चिम रेलवे की यह नई समय सारणी न केवल रेल परिचालन को अधिक व्यवस्थित बनाएगी, बल्कि यात्रियों की बदलती जरूरतों के अनुरूप रेलवे सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

