युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण: एनसीसी कैडेट्स ने सीखे जीवन रक्षा के गुर, एसडीआरएफ ने दिखाया दम
जयपुर में एसडीआरएफ द्वारा आयोजित युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण में एनसीसी कैडेट्स ने आपदा प्रबंधन के गुर सीखे। हार्ट अटैक, सड़क हादसे और बाढ़ जैसी आपात स्थितियों में जीवन रक्षक कौशल का लाइव डेमो देखकर युवा बने आपदा के खिलाफ ढाल।

जयपुर में एसडीआरएफ द्वारा एनसीसी कैडेट्स के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ टीम ने राहत और बचाव कार्यों का डेमो प्रदर्शित किया।

जयपुर, 15 जून 2026। आपदा के कठिन समय में जब हर सेकंड मायने रखता है, तब प्रशिक्षित युवा एक संजीवनी की तरह कार्य कर सकते हैं। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए राजस्थान राज्य आपदा प्रतिसाद बल (एसडीआरएफ) द्वारा जयपुर के एनसीसी कॉम्पलेक्स, जेएलएन मार्ग पर सात दिवसीय 'युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में 1 राजस्थान आर्म्ड स्क्वाड्रन एनसीसी के 57 स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन की बारीकियों और राहत-बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ महानिरीक्षक पुलिस आरएसी एवं एसडीआरएफ श्रीमती परम ज्योति के स्वागत उद्बोधन से हुआ, जिन्होंने युवाओं को राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस आरएसी एवं एसडीआरएफ श्री रूपिन्दर सिंघ ने आपदा के समय प्रशिक्षित युवाओं द्वारा प्रथम प्रतिक्रिया दल (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) की भूमिका निभाने के महत्व को रेखांकित किया। वहीं, डिप्टी डायरेक्टर जनरल एनसीसी एयर कॉमोडोर श्री सम्पत कुमार आनन्द ने आपदा प्रबंधन में एनसीसी कैडेट्स की सामाजिक जिम्मेदारी और उनके सक्रिय योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के दौरान एसडीआरएफ की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम ने रोप रेस्क्यू डेमो के माध्यम से ऊंचाई पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को राहत पहुंचाने की लाइव ड्रिल का प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित अधिकारियों और कैडेट्स को विशेष रूप से प्रभावित किया। प्रशिक्षण में हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटनाओं, बाढ़ की विभीषिका और गैस सिलेंडर में लगी आग जैसी आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक उपचार और बचाव के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए। विशेषज्ञों ने कैडेट्स को समझाया कि रेस्क्यू टीम के घटनास्थल पर पहुँचने से पहले आम नागरिक किस प्रकार घायलों की जान बचा सकते हैं।
इस अवसर पर एसडीआरएफ द्वारा उपयोग किए जाने वाले आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों की एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जो आकर्षण का केंद्र रही। कैडेट्स को उपकरणों की कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन में उनकी उपयोगिता के बारे में तकनीकी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में कमांडेंट एसडीआरएफ श्री राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने बल की संरचना और राज्य में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका को साझा करते हुए सभी प्रतिभागियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में ग्रुप कमांडर कर्नल सुरेश सिंधु (सेना मेडल), कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल परमिंदर कौर सहित एनसीसी के 326 कैडेट्स और विभिन्न इकाइयों के 82 अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण न केवल युवाओं को सक्षम बना रहा है, बल्कि भविष्य के लिए एक सशक्त आपदा मित्र फौज तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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