जयपुर 8 मार्च। स्थानीय राजस्थान महाविद्यालय परिसर में समय इंडिया, न्यू दिल्ली के तत्वावधान में जारी 10 दिवसीय राष्ट्रीय पुस्तक मेला का तीसरा दिन रविवार छुट्टी का रहा। पुस्तक प्रेमियों ने अपना समय किताबों के संग बिताया। तमाम पुस्तक प्रेमियों ने अपनी पसन्द की पुस्तकें चुनीं और खरीदीं। कई पुस्तक प्रेमियों ने विभिन्न स्टाॅल्स पर घूम-घूमकर पुस्तकों को देखा और फिर आकर खरीदने का मन बनाया। किताबों पर केन्द्रित यह पुस्तक मेला 15 मार्च तक जारी है। पुस्तक प्रेमियों के लिए मेला परिसर में प्रवेश की समयावधि प्रातः 11 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक की है।

रंगों और रेखाओं से बच्चों ने रचा संसार

पुस्तक मेला में जारी शैक्षिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में रविवार को बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता संपन्न हुई। इस प्रतियोगिता में तीनों आयु वर्ग के बच्चों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और रंगों रेखाओं के सहारे अपने भावों को व्यक्त किया। बच्चों की चित्रकला में जहाँ प्रकृति का खूबसूरत संसार रंगों और रेखाओं के माध्यम से चित्रित हुआ वहीं सामाजिक जीवन और पर्यावरण से जुड़े गहरे सरोकारों की आहट मिली। चित्रों को देखकर लगा कि बच्चों में अपने परिवेश और पर्यावरण के प्रति गहरी संवेदना है और वे सजग नागरिक की भूमिका जीने की सोच को आगे बढ़ा रहे हैं।

साहित्य जगत में दो नवीन कृतियों का आगमन

स्थानीय राजस्थान कॉलेज, जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेला में रविवार को सुश्री प्रियंका हर्बोला के उपन्यास "अविनाशी प्रेम" और सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. हजारीलाल मौर्य की पुस्तक "अक्कल बड़ी या बहंस" (अक्ल बड़ी या बहस) पुस्तक का लोकार्पण हुआ।

ऐतिहासिक धरोहर: 1932 की जब्तशुदा पुस्तक

मेले में समय प्रकाशन के स्टाॅल पर सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी और काकोरी कांड के अभियुक्त मन्मथनाथ गुप्त की 1932 में ब्रिटिश हुकूमत की ओर से जब्तशुदा पुस्तक "क्रांतिकारी आन्दोलन: एक दस्तावेज़" है। यह पुस्तक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक अहम ऐतिहासिक दस्तावेज़ है। पुस्तक को इसलिए जब्त किया गया था क्योंकि इसमें क्रांतिकारियों की सोच, उनके संगठन और संघर्ष को बेबाकी से सामने रखा गया था। यह पुस्तक हमें बताती है कि आजादी की लड़ाई सिर्फ आन्दोलनों तक सीमित नहीं थी। उसमें कलम और कलम के सिपाहियों की भूमिका भी ताकतवर रही। तथ्यों और दस्तावेज़ों पर आधारित यह पुस्तक नई पीढ़ी को उस दौर की सच्ची तस्वीर से रूबरू कराती है।

ज्ञान का खजाना: बच्चों के लिए उपयोगी और सस्ती पुस्तकें

मनोज पब्लिकेशन्स और गोवो बुक्स के स्टाॅल पर बच्चों की सस्ती और अच्छी पुस्तकें भारी तादाद में उपलब्ध हैं। यहाँ पर आप छोटे बच्चों के लिए 101 सीरिज़ की एनिमल स्टोरिज़, बेड टाइम स्टोरी, फेरी टेल्स, माॅरल स्टोरिज़, पचतंत्र की कहानियाँ, टू इन वन कलर्स एण्ड शेप्स, फ्रूट्स एण्ड वेजिटेबल्स, बेबी पोस्टर्स, ए.बी.सी. चाट्र्स, बिग पिक्चर बोर्ड बुक्स आप खरीद सकते हैं। इसके अतिरिक्त गुरुनानक अर्जुन, शिव और पार्वती, गणेश, लक्ष्मी, प्रह्लाद, हनुमान, चाणक्य, सुभाष चन्द्र बोस, अशोक, महात्मा गांधी, राम, कृष्ण, झांसी की रानी, जातक कहानियाँ (3 खण्ड), जादू नगरी, रोबिन हुड, गुलिवर की यात्राएँ, तीसमार खाँ आदि उपलब्ध हैं। यह पुस्तकें बच्चों को भारतीय परंपरा, इतिहास, चरित्र नायकों, पौराणिक कथाओं और रोमांचक यात्राओं से समृद्ध करने में समर्थ हैं। समय प्रकाशन समूह एवं यश प्रकाशन के स्टाॅल पर कबीर के दोहे, गबन, गोदान, अपनी शक्ति पहचानें, बड़ी दीदी, निर्मला, वरदान, तितली, पंचतंत्र, हितोपदेश, बुलन्दियों की ओर, ऐसे रहें हमेशा खुश, चुनाव जीतने के अचूक नुस्खे, मन की 100 बातें, यू कैन डू इट जैसी चर्चित पुस्तकें हैं। यह पुस्तकें खूब बिक रही हैं।

आज के विशेष आकर्षण

नगर में आज राष्ट्रीय पुस्तक मेला के अंतर्गत सोमवार सायं 4.30 बजे "कविता सुनाओ/कहानी लेखन प्रतियोगिता" का आयोजन होगा। इसके पश्चात सायं 6.30 बजे "संवाद" कार्यक्रम पुस्तक मेला सभागार मंच पर आयोजित किया जाएगा।

Pratahkal Bureau

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