जयपुर: नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के न्यूरोसर्जरी विभाग ने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के विशेषज्ञों की टीम ने एक 29 वर्षीय मरीज के मस्तिष्क में स्थित अत्यंत जटिल और संवेदनशील ब्रेन ट्यूमर को 'अवेक ब्रेन सर्जरी' (Awake Brain Surgery) तकनीक के माध्यम से सफलतापूर्वक हटाकर उसकी बोलने की क्षमता को सुरक्षित रखा है। ट्यूमर मस्तिष्क के उस नाजुक हिस्से में स्थित था, जो सीधे तौर पर वाणी और संवाद को नियंत्रित करता है। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में पारंपरिक सर्जरी के बजाय अत्याधुनिक अवेक तकनीक का चयन करना मरीज के भविष्य के लिए निर्णायक सिद्ध हुआ।

सर्जरी की संवेदनशीलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ट्यूमर मस्तिष्क के 'स्पीच डॉमिनेंट एरिया' में मौजूद था। यदि सामान्य सर्जरी प्रक्रिया अपनाई जाती, तो मरीज की बोलने की क्षमता के हमेशा के लिए प्रभावित होने का गंभीर खतरा बना हुआ था। चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए यह चुनौती केवल ट्यूमर को हटाना नहीं थी, बल्कि मरीज की जीवन गुणवत्ता को अक्षुण्ण बनाए रखना भी था।

ऑपरेशन की प्रक्रिया अत्यंत अनूठी रही, जिसमें मरीज को पूर्णतः बेहोश नहीं किया गया। सर्जरी के दौरान मरीज होश में रहा और मेडिकल टीम लगातार उससे संवाद करती रही। इस दौरान मरीज को विभिन्न सवाल हल करने, पढ़ने और प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए गए, ताकि सर्जन वास्तविक समय में यह सुनिश्चित कर सकें कि मस्तिष्क का स्पीच एरिया पूरी तरह सुरक्षित है।

नारायणा हॉस्पिटल जयपुर में सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोसर्जरी, डॉ. के. के. बंसल ने इस सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सही मरीज का चयन, विस्तृत प्री-ऑपरेटिव काउंसलिंग और टीमवर्क ही इस जटिल प्रक्रिया की कुंजी रहे। कार्डियक एनेस्थिसियोलॉजी के क्लिनिकल डायरेक्टर एवं एचओडी, डॉ. प्रदीप कुमार गोयल ने स्पष्ट किया कि इस सर्जरी में एनेस्थीसिया का प्रबंधन अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि मरीज को पूरी तरह रिस्पॉन्सिव बनाए रखना अनिवार्य था। अस्पताल के निदेशक, श्री बलविंदर सिंह वालिया ने इसे संस्थान की पेशेंट-सेंट्रिक कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। सर्जरी के उपरांत मरीज पूरी तरह सामान्य है और बोलने तथा प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। यह सफल ऑपरेशन आधुनिक न्यूरोसर्जरी में अवेक सर्जरी की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।

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