जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर के पर्यटन मानचित्र पर नाहरगढ़ जैविक उद्यान तेजी से एक प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरकर सामने आया है। प्राकृतिक हरियाली से घिरे इस जैविक उद्यान में संचालित टाइगर और लायन सफारी ने देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच विशेष पहचान बना ली है। जंगल के स्वाभाविक वातावरण में वन्यजीवों को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव सैलानियों को लगातार अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

सहायक वन संरक्षक श्री देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक की अवधि में नाहरगढ़ जैविक उद्यान और सफारियों को मिलाकर कुल 3 लाख 73 हजार 869 पर्यटकों ने भ्रमण किया। इस दौरान वन विभाग द्वारा 2 करोड़ 36 लाख 3 हजार 620 रुपये का राजस्व अर्जित किया गया, जो उद्यान की बढ़ती लोकप्रियता और सफल प्रबंधन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि इस एक वर्ष की अवधि में नाहरगढ़ जैविक उद्यान में 3 लाख 39 हजार 433 पर्यटक पहुंचे, जबकि 18 हजार 831 पर्यटकों ने लायन सफारी और 15 हजार 605 पर्यटकों ने टाइगर सफारी का आनंद लिया। पर्यटन सीजन के दौरान ये दोनों सफारियां न केवल जयपुरवासियों बल्कि राज्य और देश के अन्य हिस्सों से आने वाले सैलानियों के लिए भी प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।

शहर के समीप स्थित यह जैविक उद्यान प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहां परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को मनोरंजन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता का संदेश भी मिलता है, जिससे यह स्थल शैक्षणिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन गया है।

उप वन संरक्षक श्री विजयपाल सिंह के निर्देशन में नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाओं और समग्र प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सहायक वन संरक्षक श्री देवेन्द्र सिंह राठौड़ तथा रेंज अधिकारी श्री शुभम शर्मा द्वारा नियमित रूप से सफारियों की सघन मॉनिटरिंग कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।

रेंज अधिकारी शुभम शर्मा की देखरेख में टूरिज्म मैनेजमेंट टीम द्वारा सफारी संचालन, भीड़ नियंत्रण, टिकटिंग व्यवस्था, वाहन सुविधा, दिशा-निर्देश और स्वच्छता प्रबंधन को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित, सुगम और यादगार अनुभव मिल सके।

वन विभाग की सतत निगरानी, प्रभावी प्रशासन और सुविधाओं के निरंतर विस्तार के परिणामस्वरूप नाहरगढ़ जैविक उद्यान आज राजस्थान के सर्वाधिक लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल हो चुका है। यह उद्यान न केवल पर्यटन और राजस्व संवर्धन का मजबूत आधार बन रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण और जन-जागरूकता का सशक्त प्रतीक बनकर जयपुर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।

Pratahkal Bureau

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