जयपुर, 29 सितम्बर। नगर निगम जयपुर के महापौर श्री सुनील कोठारी ने पदभार ग्रहण करने के बाद मंगलवार को निगम मुख्यालय में पहली मैराथन बैठक लेकर निगम की कार्यप्रणाली को गति देने के लिए अधिकारियों के साथ विस्तार से समीक्षा की। तीन घंटे से अधिक चली बैठक में महापौर ने अधिकारियों से वन-टू-वन संवाद किया और पीपीटी के माध्यम से निगम की 15 से अधिक शाखाओं के कामकाज की समीक्षा की।

बैठक में राजस्व, कार्मिक, उद्यान, स्वास्थ्य, प्रोजेक्ट, गैराज और विधि सहित विभिन्न शाखाओं के वर्तमान कार्यों, लंबित प्रकरणों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी ली गई। महापौर ने अधिकारियों को कार्यों का समयबद्ध और प्रभावी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उपमहापौर श्रीमती सरोज कंवर, अतिरिक्त आयुक्त श्री नरेन्द्र कुमार बंसल, उपायुक्त स्वास्थ्य श्री ओम थानवी, चीफ इंजीनियर श्री अनिल सिंघल सहित जोन उपायुक्त और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

महापौर श्री सुनील कोठारी ने अधिकारियों को जनता की शिकायतों का समाधान करने और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी बिंदुओं को बारीकी से समझा और कहा कि जयपुर शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने की जिम्मेदारी सभी की है। उन्होंने अधिकारियों को ‘एक सोच-एक डोर’ के साथ टीम के रूप में कार्य करते हुए शहर की तस्वीर बदलने तथा शहर की बेहतरी के लिए स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।

महापौर ने जोन उपायुक्तों को चारदीवारी और हेरिटेज से समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत कार्य किया जाए, अवैध निर्माण रोके जाएं और अवैध अतिक्रमण हटाए जाएं।

श्री सुनील कोठारी ने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता आमजन को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि जनसरोकार से जुड़े कार्यों में अनावश्यक विलम्ब नहीं होना चाहिए और शाखाओं में लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में पुरोहित जी कटले में लगी आग के कारणों को लेकर भी चर्चा हुई। महापौर ने कहा कि यदि उपकरण और संसाधन समय पर उपयोग में नहीं आए तो उनकी उपयोगिता क्या रही। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और कमियों का विश्लेषण किया जाना चाहिए।

महापौर ने अवैध मीट-मांस की दुकानों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सड़कों पर बेसहारा एवं निराश्रित पशुओं की समस्या का भी शीघ्र निस्तारण करने को कहा।

नगर निगम की सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महापौर ने फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग, अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय और कार्यों की निरंतर समीक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालय स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करें और जमीनी स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति सुनिश्चित करें।

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