जयपुर में हाड़ कंपाती ठंड के बीच नगर निगम का सहारा: रैन बसेरों में सुरक्षा और सुविधाओं का सख्त पहरा
जयपुर नगर निगम द्वारा कड़ाके की ठंड में निराश्रितों के लिए 26 रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है। आयुक्त डॉ. गौरव सैनी और उपायुक्त श्याम लाल जांगिड़ के निर्देशन में गर्म बिस्तर, भोजन और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। निगम की टीमें रात में गश्त कर खुले में सोने वालों को आश्रय स्थल पहुंचा रही हैं। किसी भी जरूरतमंद की सहायता के लिए निगम ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

जयपुर। गुलाबी नगरी में बढ़ते शीत लहर के प्रकोप के बीच नगर निगम जयपुर ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए निराश्रितों और जरूरतमंदों के लिए सुरक्षा कवच तैयार किया है। शहर की सड़कों पर कोई भी व्यक्ति ठिठुरती रातों में खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो, इसके लिए निगम प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए शहर के विभिन्न कोनों में सुविधाओं से लैस रैन बसेरों का जाल बिछा दिया है। इन आश्रय स्थलों में न केवल सिर छुपाने की जगह मिल रही है, बल्कि भीषण सर्दी से बचाव के लिए वे तमाम इंतजाम किए गए हैं जो एक गरिमामय जीवन के लिए आवश्यक हैं।
वर्तमान में नगर निगम जयपुर द्वारा शहर के रणनीतिक स्थानों पर कुल 26 रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है, जिनमें 12 स्थायी और 14 अस्थायी केंद्र शामिल हैं। इन रैन बसेरों की कार्यप्रणाली को बेहद सुव्यवस्थित रखा गया है, जहां आने वाले प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को गर्म बिस्तर, भारी कंबल और अलाव की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ पेयजल और पौष्टिक भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि आश्रय लेने वाले लोगों को बुनियादी जरूरतों के लिए भटकना न पड़े। सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है; प्रत्येक रैन बसेरे में होमगार्ड कर्मियों की तैनाती की गई है, जो वहां ठहरने वाले आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
इस पूरी मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए निगम की टीमें रात के सन्नाटे में भी सक्रिय हैं। डे-एनयूएलएम उपायुक्त श्याम लाल जांगिड़ ने बताया कि रैन बसेरों के सुचारू संचालन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वहां ठहरने वाले व्यक्तियों का विधिवत रिकॉर्ड संधारित किया जा रहा है, जिसमें उनकी सामान्य जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जाती है। सबसे महत्वपूर्ण पहल निगम की रात्रिकालीन गश्त है, जिसके तहत निगम कर्मी और होमगार्ड्स सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों का दौरा करते हैं। यदि कोई व्यक्ति खुले में सोता हुआ पाया जाता है, तो उसे ससम्मान रैन बसेरों तक पहुंचाया जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर इस व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने स्पष्ट किया है कि निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता सर्दी के इस मौसम में हर जरूरतमंद को छत उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। निगम प्रशासन ने इस पुनीत कार्य में आमजन की भागीदारी को भी अनिवार्य माना है। नगर निगम जयपुर ने अपील की है कि यदि किसी नागरिक को शहर में कोई व्यक्ति खुले में सोता हुआ दिखाई दे, तो वे तुरंत निगम के कंट्रोल रूम नंबर 0141-2742900, 2741702, 9667248625 अथवा 8764880136 पर सूचना दें। यह सामूहिक प्रयास ही सुनिश्चित करेगा कि जयपुर की सर्द रातों में कोई भी व्यक्ति बेसहारा न रहे।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
