जयपुर में नगर निगम का 'हंटर': गंदगी और प्लास्टिक पर बरपा कहर, दुकानदारों में मचा हड़कंप
जयपुर नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ महा-अभियान छेड़ दिया है। आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के निर्देश पर हुई छापेमारी में खंडेलवाल ढाबा और नेहरू बाजार की एक दुकान पर कुल 71 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। अतिरिक्त आयुक्त प्रवीण कुमार की अगुवाई में यह कार्रवाई शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराती है। जानिए कैसे निगम प्रशासन की सख्ती से जयपुर के व्यापारियों में हड़कंप मचा है।

जयपुर। गुलाबी नगरी को स्वच्छता के शिखर पर ले जाने और इसे प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम जयपुर ने अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना ली है। शहर की खूबसूरती में दाग लगाने वाली गंदगी और पर्यावरण के दुश्मन सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ निगम प्रशासन ने एक ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक की है, जिसने पूरे व्यापारिक जगत में खलबली मचा दी है। निगम की इस पैनी नजर और सख्त रुख का नतीजा यह रहा कि चंद घंटों की कार्रवाई में ही दोषियों पर 71 हजार रुपए का भारी-भरकम जुर्माना ठोंक दिया गया। यह कार्रवाई केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो शहर की स्वच्छता व्यवस्था को ठेंगे पर रखते हैं।
नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के कड़े तेवरों के बाद स्वास्थ्य शाखा का दस्ता युद्ध स्तर पर मैदान में उतरा। अभियान की शुरुआत ब्रह्मपुरी इलाके से हुई, जहां प्रसिद्ध खंडेलवाल ढाबा निगम के निशाने पर आया। जब स्वास्थ्य टीम ने वहां का औचक निरीक्षण किया, तो स्वच्छता के दावों की पोल खुल गई। ढाबा परिसर में पसरी गंदगी और स्वच्छता मानकों की घोर अनदेखी देख अधिकारी दंग रह गए। नियमों की धज्जियां उड़ाने के जुर्म में तत्काल कार्रवाई करते हुए ढाबा संचालक पर 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
निगम का यह दस्ता यहीं नहीं रुका। शहर के व्यस्ततम नेहरू बाजार में जब एक दुकान की सघन जांच की गई, तो वहां प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का जखीरा बरामद हुआ। पर्यावरण के प्रति इस लापरवाही को अक्षम्य मानते हुए नगर निगम ने संबंधित दुकानदार पर 50 हजार रुपए का तगड़ा जुर्माना वसूल किया। अतिरिक्त आयुक्त प्रवीण कुमार के कुशल नेतृत्व में गठित विशेष टीमें अब शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही हैं। व्यावसायिक क्षेत्रों में हो रहे इन औचक निरीक्षणों ने उन लोगों की नींद उड़ा दी है जो अब भी चोरी-छिपे प्लास्टिक का कारोबार या उपयोग कर रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जयपुर की सुंदरता से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने शहरवासियों और व्यापारियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि जयपुर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार होगा। निगम की इस सख्ती ने स्पष्ट कर दिया है कि अब गुलाबी नगरी की सड़कों पर कचरा फैलाना या प्लास्टिक का उपयोग करना जेब पर बहुत भारी पड़ने वाला है।

Pratahkal Bureau
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