जयपुर, 12 जनवरी। गुलाबी नगरी में नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) की वसूली को लेकर नगर निगम अब पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में आ गया है। नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के कड़े निर्देशों के बाद सोमवार को शहर के विभिन्न जोनों में निगम की टीमों ने सघन अभियान चलाकर बकायादारों के खिलाफ कुर्की की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मालवीय नगर और मुरलीपुरा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हुई इस कार्रवाई से टैक्स चोरी करने वालों और लंबे समय से भुगतान अटकाने वाले संपत्तिधारकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस सख्ती का असर यह रहा कि कई संपत्तिधारकों ने कुर्की की कार्रवाई के दौरान ही मौके पर बकाया राशि का भुगतान कर अपनी संपत्तियों को मुक्त कराया।

इस वृहद अभियान का नेतृत्व कर रहे मुरलीपुरा जोन के उपायुक्त श्री पवन कुमार शर्मा के निर्देशन में सोमवार को राजस्व टीम ने 6 संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई की। इन संपत्तियों पर लंबे समय से नगरीय विकास कर बकाया चल रहा था। जैसे ही निगम की टीम कुर्की का नोटिस लेकर मौके पर पहुंची, हड़कंप मच गया। कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए 2 संपत्तिधारकों ने तुरंत राज्य सरकार द्वारा ब्याज और पेनल्टी पर दी जा रही वर्तमान छूट का लाभ उठाया और बकाया कर राशि निगम कोष में जमा करवा दी। भुगतान प्राप्त होते ही निगम प्रशासन ने इन दोनों संपत्तियों को तुरंत कुर्क मुक्त कर दिया, जबकि अन्य पर कार्रवाई जारी रही।

इसी प्रकार की कड़ी कार्रवाई मालवीय नगर जोन में भी देखने को मिली, जहाँ उपायुक्त मुकुट चौधरी के नेतृत्व में राजस्व टीम ने मोर्चा संभाला। मुकुट चौधरी ने बताया कि निगम द्वारा पहले व्यक्तिगत संपर्क और समझाइश के माध्यम से करदाताओं से भुगतान की अपील की गई थी। इसके बावजूद, जिन संपत्तिधारकों ने गंभीरता नहीं दिखाई, उन्हें नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 130 के तहत मांग नोटिस जारी किए गए। इसके बाद भी कर जमा न कराने पर सोमवार को 10 संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई की गई। यहाँ भी निगम की सख्ती का सकारात्मक परिणाम दिखा और 4 संपत्तिधारकों ने मौके पर ही टैक्स जमा करवाकर अपनी संपत्तियों को प्रशासनिक शिकंजे से बचाया।

वहीं, आदर्श नगर जोन में भी सक्रियता दिखाते हुए 7 संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई गई। नगर निगम की यह चौतरफा कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब टैक्स अदायगी में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य शहर के विकास कार्यों के लिए राजस्व जुटाना और कर दाताओं को नियमों के प्रति जागरूक करना है। निगम की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि यदि समय रहते कर का भुगतान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में और भी संपत्तियां निगम के रडार पर होंगी। प्रशासन की इस कवायद से न केवल राजस्व में वृद्धि हो रही है, बल्कि आमजन में भी यह संदेश गया है कि सरकारी बकाया को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

Pratahkal Newsroom

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