जयपुर। गुलाबी नगरी की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम जयपुर ने सोमवार को अपना कड़ा रुख अख्तियार कर लिया। आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के कड़े निर्देशों के बाद सतर्कता शाखा की टीम ने राजधानी के व्यस्ततम इलाकों और प्रमुख अस्पतालों के बाहर सघन अभियान चलाकर अवैध कब्जों पर करारा प्रहार किया। शहर की व्यवस्था को चुनौती देने वाले अस्थाई अतिक्रमणकारियों के खिलाफ हुई इस बड़ी कार्रवाई ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

उपायुक्त सतर्कता के नेतृत्व में निकली निगम की टीम ने सोमवार सुबह से ही शहर के चिन्हित संवेदनशील इलाकों में मोर्चा संभाल लिया था। पूर्व में मिली शिकायतों और आमजन को हो रही असुविधा को देखते हुए यह कार्रवाई एसएमएस अस्पताल, ट्रोमा सेंटर, बागड़, और जे.के. लोन हॉस्पिटल जैसे चिकित्सा संस्थानों के बाहर की गई। इसके अलावा लाल कोठी सब्जी मंडी, टोक रोड स्थित कैलाश टावर, नारायण सिंह सर्किल, प्रसिद्ध बिरला मंदिर और झालाना डिपो के आसपास के क्षेत्रों में भी सड़क घेरे बैठे दुकानदारों और ठेले वालों पर कार्रवाई की गाज गिरी।

इस विशेष अभियान के दौरान सतर्कता शाखा ने तत्परता दिखाते हुए 16 कैंटर सामान जब्त किया, जिसे तुरंत निगम के गोदाम भिजवा दिया गया। प्रशासनिक सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अतिक्रमणकारियों से मौके पर ही 20 हजार रुपये का कैरिंग चार्ज वसूला गया। उपायुक्त सतर्कता ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्गों पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान टीम ने न केवल सामान जब्त किया, बल्कि मौके पर समझाइश करते हुए सभी को मौखिक रूप से पाबंद भी किया कि वे भविष्य में खुद ही अतिक्रमण हटा लें।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में फिर से इन क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण पाया गया, तो नगर निगम जयपुर द्वारा भारी चालान काटने के साथ-साथ और भी प्रभावी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सोमवार को हुई इस कार्रवाई से शहर की मुख्य सड़कों और अस्पतालों के प्रवेश द्वारों पर यातायात सुगम हुआ है, जो पिछले लंबे समय से अस्थाई दुकानों के कारण बाधित हो रहा था।

Next Story