जयपुर में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर नगर निगम का 'सर्जिकल स्ट्राइक', एक ही दिन में वसूला भारी जुर्माना
जयपुर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के नेतृत्व में शहरव्यापी महाअभियान चलाया गया। एक ही दिन में नियमों का उल्लंघन करने वालों से 1.33 लाख रुपये का भारी जुर्माना वसूल कर प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस की नीति साफ कर दी है। बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में हुई इस सख्त कार्रवाई ने गंदगी फैलाने वालों में हड़कंप मचा दिया है।

जयपुर। गुलाबी नगरी को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने के संकल्प के साथ नगर निगम जयपुर ने बुधवार को नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। नगर निगम की इस 'कमांडो कार्रवाई' ने शहर के व्यापारियों और गंदगी फैलाने वाले तत्वों में हड़कंप मचा दिया है। स्वच्छता की शुचिता को बरकरार रखने के लिए निगम प्रशासन ने सख्त तेवर अपनाते हुए महज 24 घंटों के भीतर 1.33 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल कर यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब जयपुर की सुंदरता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस सघन अभियान की कमान स्वयं नगर निगम जयपुर के आयुक्त डॉ. गौरव सैनी संभाल रहे हैं। उनके स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देशों के बाद स्वास्थ्य शाखा एवं चालान प्रकोष्ठ की टीमें बुधवार सुबह ही सड़कों पर उतर आईं। शहर के व्यस्त बाजारों से लेकर व्यावसायिक गलियारों और सार्वजनिक स्थलों तक, निगम की पैनी नजर हर उस स्थान पर थी जहाँ प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग किया जा रहा था। इस कार्रवाई के दौरान उन प्रतिष्ठानों और दुकानदारों को कतई नहीं बख्शा गया जो पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर सिंगल यूज़ प्लास्टिक का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे थे।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, यह कार्रवाई दो चरणों में बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई। प्रथम चरण में मुरलीपुरा, विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, वैशाली नगर, मानसरोवर, सांगानेर, जगतपुरा, झालाना और मालवीय नगर जैसे प्रमुख जोनों में शिकंजा कसा गया। विशेष रूप से मुख्यालय की प्रहरी टीम ने इस चरण में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अकेले 24,500 रुपये का जुर्माना वसूला। प्रथम चरण की कुल वसूली 60,300 रुपये रही। वहीं, दूसरे चरण में आदर्श नगर, सिविल लाइन और किशनपोल जैसे क्षेत्रों में सख्ती दिखाई गई, जहाँ स्वास्थ्य शाखा (मुख्यालय) के चालान प्रकोष्ठ ने रिकॉर्ड 52,000 रुपये का कैरिज चार्ज व जुर्माना वसूल कर उल्लंघनकर्ताओं की कमर तोड़ दी। दूसरे चरण में कुल 73,400 रुपये की राशि राजकोष में जमा हुई।
कुल मिलाकर पूरे दिन की इस मैराथन कार्रवाई में 1,33,700 रुपये (एक लाख तैंतीस हजार सात सौ रुपये) का जुर्माना वसूला गया। हालांकि इस दौरान प्लास्टिक की जब्ती शून्य रही, लेकिन भारी-भरकम जुर्माने ने व्यापारियों को भविष्य के लिए सचेत कर दिया है। आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने इस अभियान की सफलता पर जोर देते हुए कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण के लिए एक गंभीर और अदृश्य खतरा है, जिसके प्रति निगम ने अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की औपचारिकता नहीं है, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध यह सिलसिला आगे भी निरंतर और अधिक कठोरता के साथ जारी रहेगा।
नगर निगम जयपुर ने शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारिक संगठनों से भावुक अपील की है कि वे स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर जयपुर के निर्माण में केवल दर्शक न बनें, बल्कि भागीदार बनें। पर्यावरण संरक्षण के इस महायज्ञ में प्रतिबंधित प्लास्टिक को पूरी तरह त्यागना ही एकमात्र विकल्प है। आज की यह बड़ी कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन अब अपील के साथ-साथ कड़े प्रहार करने से भी पीछे नहीं हटेगा।

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