जयपुर, 13 जनवरी। राजधानी के गुलाबी शहर में नगरीय विकास कर (UD Tax) की वसूली को लेकर नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है। नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के कड़े रुख के बाद अब बकायादारों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर सीधी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में मंगलवार को विद्याधर नगर जोन में निगम की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए हड़कंप मचा दिया।

कुर्की की कार्रवाई और मौके पर समाधान

उपायुक्त (विद्याधर नगर जोन) श्री करणी सिंह के नेतृत्व में निगम की टीम ने उन संपत्तियों को लक्षित किया, जिनका लंबे समय से नगरीय विकास कर बकाया था। मंगलवार को हुई इस सघन कार्रवाई के दौरान कुल 4 बड़ी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

प्रशासन के इस सख्त तेवर को देखते हुए एक संपत्ति धारक ने मौके पर ही समझौता करना उचित समझा। राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में ब्याज और पेनल्टी पर दी जा रही भारी छूट का लाभ उठाते हुए, उक्त संपत्ति धारक ने अपना पूरा बकाया टैक्स तत्काल निगम कोष में जमा करवा दिया। इसके फलस्वरूप, निगम द्वारा उस संपत्ति को कुर्क मुक्त कर दिया गया।

राजस्व टीम की संयुक्त कार्रवाई

अन्य तीन संपत्तियों पर कार्रवाई जारी रखते हुए उन्हें आधिकारिक रूप से कुर्क कर लिया गया। इस पूरे अभियान को सफल बनाने में राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों ने मुख्य भूमिका निभाई:

डॉ. सरोज पारीक (राजस्व अधिकारी) और श्री चंद्रमोहन महावर (राजस्व निरीक्षक) के नेतृत्व में टीम ने मौके पर मुस्तैदी दिखाई।

संबंधित फर्मों और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया गया।

शेष बकायादारों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि कर चोरी या देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निष्कर्ष: वित्तीय अनुशासन की ओर कदम

नगर निगम द्वारा की गई यह कार्रवाई केवल राजस्व वसूली का जरिया नहीं है, बल्कि शहर के विकास के लिए आवश्यक वित्तीय अनुशासन को लागू करने का एक सशक्त प्रयास भी है। आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के निर्देशन में चल रहा यह अभियान आने वाले दिनों में अन्य जोनों में भी तेज होने की संभावना है, जिससे उन बकायादारों में हलचल तेज हो गई है जिन्होंने लंबे समय से टैक्स का भुगतान नहीं किया है।

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