जयपुर। गुलाबी नगरी में मंडराते मच्छरों के खौफ और जानलेवा मलेरिया व डेंगू के डंक पर लगाम लगाने के लिए जयपुर नगर निगम की मलेरिया शाखा ने शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को पूरे शहर में एक व्यापक घेराबंदी की। आमजन के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निगम की टीमों ने उन संवेदनशील इलाकों को निशाने पर लिया, जो मच्छरों के पनपने के सबसे बड़े केंद्र माने जाते हैं। शहर के दोनों नगर निगम क्षेत्रों (पार्ट प्रथम और द्वितीय) में चली इस विशेष मुहिम के तहत कचरा डिपो से लेकर शहर के बड़े नालों तक को कीटनाशकों से सराबोर कर दिया गया, ताकि आने वाले समय में शहरवासियों को संक्रामक रोगों के प्रकोप से बचाया जा सके।

नगर निगम पार्ट प्रथम के तहत प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए सेवापुरा कचरागाह के विशाल कचरे के ढेरों पर सघन छिड़काव किया गया। इसी कड़ी में कालवाड़ रोड कचरा ट्रांसफर स्टेशन, रीको इंडस्ट्रियल एरिया मानसरोवर स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन और बम्बाला ट्रांसफर स्टेशन पर भी कचरे के निस्तारण के साथ-साथ कीटनाशक दवाओं का छिड़काव हुआ। अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि झालाना कचरा डिपो, हडमाडा थाने के पास स्थित नाले और बी-2 बाइपास नाले जैसे जलभराव वाले क्षेत्रों में भी एंटी-लार्वा गतिविधियां संचालित की गईं। ग्रामीण और रिहायशी इलाकों के तालमेल को देखते हुए सेवापुरा गांव की ढाणियों और त्रिवेणी नगर में भी विशेष टीम तैनात की गई।





दूसरी ओर, नगर निगम पार्ट द्वितीय के अधिकार क्षेत्र में भी कार्रवाई की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी। मथुरादासपुरा कचरागाह के कचरे पर छिड़काव के साथ-साथ लाल डूंगरी कचरा ट्रांसफर स्टेशन को संक्रमण मुक्त करने की कवायद की गई। इसके अतिरिक्त, ईदगाह से चुंगी तक के बड़े नाले और गुर्जर घाटी वार्ड संख्या 11 के नालों में फोगिग और कीटनाशक छिड़काव किया गया ताकि मच्छर जनित बीमारियों का चक्र तोड़ा जा सके। मथुरादासपुरा की ढाणियों में विशेष रूप से गुजराती की ढाणी और साईपुरा गांव की ढाणियों में स्थित राम नगर को भी इस सुरक्षा घेरे में लिया गया। हवा महल जोन की कच्ची बस्तियों में, जहां संक्रमण का खतरा सदैव बना रहता है, मीना पाडा, माउंट रोड कोली बस्ती, नाहरगढ़ हरिजन बस्ती, मोहन नगर, गेटोर हरिजन बस्ती और गांधी कॉलोनी में युद्ध स्तर पर फोगिग कार्य संपन्न किया गया।

इस महाभियान की खास बात यह रही कि यह केवल निर्धारित स्थानों तक सीमित नहीं था। निगम प्रशासन ने जनभावनाओं और शिकायतों को भी त्वरित महत्व दिया। दोनों भागों के क्षेत्राधिकार में कॉल सेंटर, दूरभाष और राजस्थान संपर्क पोर्टल से प्राप्त शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया गया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री निवास कार्यालय और मुख्य चिकित्सा विभाग से प्राप्त निर्देशों व वीआईपी शिकायतों पर भी एंटी-लार्वा एक्टिविटी और कीटनाशक छिड़काव का कार्य प्राथमिकता से पूरा किया गया। नगर निगम का यह सामूहिक प्रयास न केवल स्वच्छता की दिशा में एक कदम है, बल्कि जयपुर को बीमारी मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा ढाल के रूप में उभर कर सामने आया है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story