जयपुर नगर निगम: डिजिटल जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र मान्य करने के निर्देश
नगर निगम जयपुर ने बैंकों और शिक्षण संस्थानों को डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से स्वीकार करने के निर्देश दिए हैं।

जयपुर। नगर निगम जयपुर द्वारा जारी किए जाने वाले जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र अब पूरी तरह से डिजिटल युग की कसौटी पर खरे उतरते हैं, लेकिन इसके बावजूद आमजन को हो रही अनावश्यक परेशानी ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। निगम द्वारा एनआईसी (NIC) की 'पहचान' वेबसाइट के माध्यम से जारी किए गए डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र सीधे आमजन को व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराए जाते हैं, जिन्हें प्रिंट कर सरकारी या निजी कार्यों में उपयोग किया जा सकता है। विडंबना यह है कि इन वैध दस्तावेजों को लेकर बैंकों, लोन कार्यालयों, पॉलिसी दफ्तरों और कुछ विद्यालयों द्वारा आमजन को यह कहकर नगर निगम भेजा जा रहा है कि वे इन्हें निगम से प्रमाणित करवाकर लाएं या निगम की विशेष स्टेशनरी पर प्रस्तुत करें। इस तरह की गैर-जरूरी मांग से नागरिकों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने पूर्व में ही स्पष्ट आदेश प्रसारित किए हैं कि डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र पूर्णतया वैध हैं। इनकी प्रमाणिकता और सत्यता की जांच करने के लिए किसी को भी दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इसे आसानी से 'पहचान' वेबसाइट या प्रमाण पत्र पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन कर तुरंत सत्यापित किया जा सकता है। अब नगर निगम जयपुर ने इस दिशा में ठोस पहल करते हुए अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जयपुर को आधिकारिक पत्र जारी किए हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्रों को बिना किसी शर्त के मान्य किया जाए और अपने अधीनस्थ समस्त संस्थाओं को भी इन सरकारी नियमों की अनिवार्य पालना सुनिश्चित करने हेतु पाबंद किया जाए, ताकि आमजन को डिजिटल सेवाओं का वास्तविक लाभ मिल सके और उनकी परेशानियां समाप्त हों।

