जयपुर, 09 जनवरी। गुलाबी नगरी में अवैध निर्माण और बिना अनुमति के संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। शहर की ऐतिहासिक विरासत और सुनियोजित विकास को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण कार्यों पर शुक्रवार को नगर निगम जयपुर ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की। किशनपोल जोन में प्रशासनिक सक्रियता दिखाते हुए निगम की टीम ने दो प्रमुख अवैध निर्माणों को पूरी तरह सीज कर दिया, जिससे अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।

नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के कड़े रुख और स्पष्ट निर्देशों के बाद शहर भर में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जोन उपायुक्त श्री विजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें राजस्व अधिकारी सुनील कुमार सहित निगम के अन्य अधिकारी और प्रवर्तन दस्ता शामिल था। टीम ने सबसे पहले जौहरी बाजार स्थित ठाकुर पचेवर का रास्ता पहुंचकर मकान नंबर 1980 पर कार्रवाई की, जहाँ नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसके तुरंत बाद दस्ता रामगंज बाजार पहुंचा, जहाँ दुकान नंबर 79-80 के ऊपर किए गए अवैध निर्माण को भी सीज करने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

उपायुक्त विजेन्द्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं है, बल्कि विधि सम्मत प्रक्रिया का हिस्सा है। संबंधित भवन स्वामियों और दुकानदारों को निगम द्वारा पूर्व में ही नियमानुसार नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने और अवैध निर्माण हटाने का पर्याप्त समय दिया गया था। इसके बावजूद, भू-स्वामियों द्वारा न तो निर्माण कार्य रोका गया और न ही नियमों की पालना सुनिश्चित की गई। अंततः शासन के आदेशों की अवहेलना करने पर निगम को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।

नगर निगम की इस त्वरित और प्रभावशाली कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि जयपुर की कानून व्यवस्था और शहरी नियोजन के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। निगम प्रशासन की इस मुस्तैदी ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की बड़ी कार्रवाइयां देखने को मिल सकती हैं। यह कदम न केवल अवैध निर्माण पर अंकुश लगाएगा, बल्कि शहर के व्यवस्थित स्वरूप को बनाए रखने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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