जयपुर नगर निगम आयुक्त ने ली समीक्षा बैठक, मुख्यमंत्री विकसित शहर अभियान पर जोर
आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने 150 वार्डों में वार्ड सभाओं, पट्टा वितरण और नगरीय विकास कर वसूली की प्रगति को लेकर अधिकारियों को मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए।

जयपुर नगर निगम मुख्यालय पर शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को संबोधित करते आयुक्त डॉ. गौरव सैनी।
जयपुर, 20 मार्च। कार्यालय नगर निगम जयपुर (पण्डित दीनदयाल उपाध्याय भवन, लालकोठी, टोंक रोड़, जयपुर) के जनसम्पर्क प्रकोष्ठ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर निगम आयुक्त डाॅ. गौरव सैनी ने शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय पर जोन एवं मुख्यालय उपायुक्तों तथा राजस्व अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस बैठक के दौरान आयुक्त ने पट्टों के वितरण और नगरीय विकास कर की वसूली संबंधी प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की।
पट्टा वितरण एवं ऑनलाइन सेवाओं की समीक्षा
बैठक में मुख्य रूप से भूमि एवं पट्टों के संबंध में चर्चा की गई, जिसमें पट्टा नाम हस्तान्तरण, उपविभाजन, पुर्नगठन एवं आॅनलाईन सर्विसेज से संबंधित लम्बित प्रकरणों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके साथ ही नगरीय विकास कर की वसूली, सम्पर्क पोर्टल पर षिकायतों का निस्तारण तथा मुख्यमंत्री विकसित शहर वार्ड अभियान-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं माॅनिटरिंग सहित अन्य बिन्दुओं पर विस्तृत विमर्श हुआ। आयुक्त डाॅ. गौरव सैनी ने स्पष्ट किया कि "विकसित राजस्थान@2047 के विजन के अनुरूप राज्य के शहरी क्षेत्रों में योजनाबद्ध एवं सहभागी विकास को बढ़ावा देने के उद्देष्य से ‘मुख्यमंत्री विकसित शहर अभियान’ आयोजित किया जा रहा है।"
वार्ड सभाओं के माध्यम से जनभागीदारी और विकास योजना
आयुक्त ने शुक्रवार को 150 वार्डो में आयोजित हो रही वार्ड सभाओं के संबंध में आवष्यक दिषा-निर्देष जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि "वार्ड सभा में इस अभियान के संबंध जागरूक किया जाये और अभियान की रूपरेखा की जानकारी आमजन को दी जाये।" उन्होंने बताया कि इन वार्ड सभाओं का आयोजन पार्क, सामुदायिक केन्द्र या राजकीय भवन में किया जाना चाहिए। इस अभियान का उद्देष्य शहरी वार्ड स्तर पर समग्र वार्ड प्रोफाईल तैयार करना, शहरी वार्ड की विकास प्राथमिकता का निर्धारण करना और वार्ड क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों एवं बुनियादी सुविधाओं का आकलन करना है। इसके माध्यम से जनभागीदारी आधारित विकास योजना तैयार कर नगरीय निकाय स्तर पर समेकित विकास मास्टर प्लान बनाया जाएगा।
ऑनलाइन प्रकरणों की प्रगति और लंबित शिकायतों का निस्तारण
समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त डाॅ. गौरव सैनी ने आॅनलाइन प्रकरणों जैसे ट्रेड लाईसेंस, फायर एनओसी, म्यूटेषन और सबडिविजन के संबंध में अधिकारियों के साथ चर्चा की एवं प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन किया। उन्होंने उन अधिकारियों को आवष्यक सुधार करने के सख्त निर्देष दिये जिनकी प्रगति रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके अतिरिक्त, सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित षिकायतों को भी त्वरित गति से निस्तारित करने के आदेश दिए गए।
नगरीय विकास कर वसूली हेतु 10 दिन का 'मिशन मोड'
आयुक्त ने जोर देते हुए कहा कि नगरीय विकास कर की वसूली पर विशेष फोकस रखा जाए और अगले 10 दिन में मिषन मोड में कार्य किया जाए। आयुक्त ने बताया कि "राजस्व वसूली (नगरीय विकास कर, विज्ञापन शुल्क) शहर के विकास के लिये आवष्यक है इसलिये सभी राजस्व अधिकारी शत-प्रतिषत लक्ष्यों को पूरा करने की दिषा में प्रयास करें।" वर्तमान में नगरीय विकास कर वसूली में आमेर-हवामहल जोन सबसे आगे चल रहा है, जिसके बाद आदर्ष नगर तथा सिविल लाईन जोन का स्थान है। आयुक्त ने वसूली में पिछड़ रहे जोनों को गति बढ़ाने और अपने निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिषत पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

Pratahkal Bureau
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