गुलाबी नगरी की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने और विरासत की सुंदरता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए नगर निगम आयुक्त डॉ. ओम कसेरा पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं। शुक्रवार रात्रि को डॉ. कसेरा ने नगर निगम की टीम के साथ परकोटे के भीतर सफाई व्यवस्था का सघन और औचक निरीक्षण कर एक स्पष्ट संदेश दिया कि शहर की स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। रात्रि 11:30 बजे से शुरू हुआ यह मैराथन निरीक्षण देर रात 1:30 बजे तक जारी रहा, जिसमें आयुक्त ने खुद अपने हाथों से सड़क पर पड़ा कचरा उठाकर आमजन को जागरूक किया।

आयुक्त डॉ. ओम कसेरा ने अपने इस औचक दौरे की शुरुआत न्यू गेट से की, जिसके बाद वे त्रिपोलिया गेट, चौड़ा रास्ता, हवा महल, बड़ी चौपड़, काले हनुमान जी मंदिर परिसर, सुभाष चौक, जोरावर सिंह गेट, रामगढ़ मोड़, जल महल, बापू बाजार, नेहरू बाजार और जोहरी बाजार सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर पहुंचे। करीब 2 घंटे तक चले इस निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र कुमार बंसल, उपायुक्त (गैराज), उपायुक्त (किशनपोल जोन) और अधिशासी अभियंता (विद्युत) सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. कसेरा ने न्यू गेट से जोरावर सिंह गेट तक पैदल चलते हुए 15 से अधिक पॉइंट्स पर सफाई का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जहां भी खामियां मिलीं, आयुक्त ने तत्काल सख्त निर्देश जारी किए। न्यू गेट पर बंद पड़ी लाइटों को लेकर उन्होंने अधिशासी अभियंता (विद्युत) को तुरंत दुरुस्त करने के आदेश दिए। इसके पश्चात उन्होंने मार्ग में मिले आम नागरिकों और थड़ी-ठेले वालों से सफाई व्यवस्था का फीडबैक लिया और दुकानदारों के डस्टबिन चेक किए। सड़क किनारे जो डस्टबिन कचरे से लबालब भरे मिले, उन्हें फौरन खाली करवाने और टूटे हुए डस्टबिनों को बदलने के निर्देश दिए गए। अनुशासनहीनता बरतने और गंदगी फैलाने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई करते हुए आयुक्त ने पंडित कुल्फी वाला सहित करीब चार दुकानदारों के चालान काटने के निर्देश दिए।

विशेष रूप से, हवा महल के समीप ओपन कचरा डिपो नहीं उठने पर आयुक्त ने संबंधित ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने का आदेश दिया। वहीं, हवा महल के सामने ट्रैक्टर ट्रेल्ड रोड स्वीपर और माउंटेन रोड स्वीपर द्वारा की जा रही सफाई का उन्होंने गहनता से अवलोकन किया। विरासत के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए आयुक्त ने परकोटे में लटक रहे अवैध केबलों को भी हटाने के निर्देश दिए और कहा कि जयपुर अपनी विरासत के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जिसके सौंदर्य से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान संवेदनशीलता का उदाहरण तब दिखा जब आयुक्त ने फुटपाथों पर कचरा देखा और बिना झिझक उसे अपने हाथों से उठाकर डस्टबिन में डाला। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने में जनभागीदारी अनिवार्य है और हर व्यक्ति को एक जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। इसके बाद, जोरावर सिंह गेट पर नाला सफाई के दौरान बाहर पड़े मलबे को तुरंत हटवाने के निर्देश दिए। अंत में जल महल की पाल पर पहुंचे आयुक्त ने वहां शौचालयों की बदतर स्थिति पर भारी नाराजगी जताई और जोन उपायुक्त को उन्हें तत्काल साफ और दुरुस्त करने के लिए पाबंद किया। गौरतलब है कि सोमवार को कार्यभार संभालते ही मुख्यालय का निरीक्षण करने के बाद, शुक्रवार रात्रि का यह औचक दौरा आयुक्त की कार्यशैली और स्वच्छता के प्रति उनके कड़े रुख को दर्शाता है।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story