जयपुर में मानसून की दस्तक के साथ ही नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आपदा प्रबंधन की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए नगर निगम जयपुर ने क्षेत्र में संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए व्यापक व्यवस्था लागू कर दी है। 15 जून से लेकर मानसून समाप्ति तक शहर में बाढ़ नियंत्रण केंद्र सक्रिय कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।

नगर निगम आयुक्त श्री ओम कसेरा ने सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जयपुर नगर निगम क्षेत्राधिकार में कुल पांच प्रमुख बाढ़ नियंत्रण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से पूरे शहर को जोनवार कवर किया गया है। मानसरोवर बाढ़ नियंत्रण केंद्र के अंतर्गत सांगानेर और मानसरोवर जोन को शामिल किया गया है, जबकि मालवीय नगर केंद्र के तहत मालवीय नगर, झालाना और जगतपुरा जोन की जिम्मेदारी तय की गई है। इसी प्रकार विश्वकर्मा बाढ़ नियंत्रण केंद्र मुरलीपुरा और विद्याधर नगर जोन को संभालेगा। खिरणी फाटक फ्लाईओवर के नीचे स्थित केंद्र झोटवाड़ा और वैशाली नगर जोन के लिए कार्य करेगा, बनीपार्क केंद्र सिविल लाइंस जोन के लिए तथा घाटगेट केंद्र किशनपोल और आदर्श नगर जोन के लिए निर्धारित किया गया है। आमेर बाढ़ नियंत्रण केंद्र हवामहल-आमेर जोन की निगरानी करेगा।

नगर निगम ने यह भी सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक जोन कार्यालय पर भी बाढ़ नियंत्रण केंद्र सक्रिय रूप से कार्य करें, जिनकी जिम्मेदारी संबंधित जोन उपायुक्तों को सौंपी गई है। बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए मड पंप, पंपसेट और मिट्टी के कट्टों की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सार्वजनिक स्थानों जैसे भवनों, उद्यानों, स्ट्रीट लाइट और बिजली के पोलों पर खुले तारों की मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।

नगर निगम ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बाढ़ नियंत्रण केंद्रों पर प्राप्त सभी शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज किया जाए और उनका तत्काल निस्तारण किया जाए, साथ ही निस्तारण का समय भी दर्ज किया जाए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड और संकेतक लगाए जाएंगे तथा सभी नालों पर फेरो कवर लगाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी वायरलेस सेट को सक्रिय अवस्था में रखेंगे।

बाढ़ नियंत्रण केंद्रों के सुचारु संचालन के लिए मानसरोवर, विश्वकर्मा, मालवीय नगर, बनीपार्क, घाटगेट और आमेर फायर स्टेशनों सहित खिरणी फाटक फ्लाईओवर के नीचे स्थित नियंत्रण कक्षों पर सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी तीन पालियों में कार्य करेंगे, जिसमें सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रथम पारी, दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक द्वितीय पारी और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक तृतीय पारी निर्धारित की गई है।

नगर निगम ने विभिन्न बाढ़ नियंत्रण केंद्रों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। मानसरोवर फायर स्टेशन के लिए 0141-2395566 और 8764880060, मालवीय नगर फायर स्टेशन के लिए 0141-2755930 और 8764880030, विश्वकर्मा फायर स्टेशन के लिए 0141-2330080 और 8764880070, खिरणी फाटक फ्लाईओवर के नीचे स्थित केंद्र के लिए 8764880018, बनीपार्क फायर स्टेशन के लिए 0141-2203518 और 8764880120, घाटगेट फायर स्टेशन के लिए 0141-2615550 और 8764880058 तथा आमेर फायर स्टेशन के लिए 0141-2531282 और 8764880097 नंबर जारी किए गए हैं।

जयपुर नगर निगम की यह व्यापक तैयारी मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की गंभीरता को दर्शाती है। प्रशासन का दावा है कि समन्वित नियंत्रण कक्षों और सक्रिय हेल्पलाइन व्यवस्था के माध्यम से शहर में किसी भी आपात स्थिति पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Pratahkal Bureau

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