जयपुर में आगामी मानसून सत्र 2026 और संभावित आपदा प्रबंधन तैयारियों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलक्टर एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण संदेश नायक ने की, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा के दौरान आमजन की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा, ताकि जनजीवन प्रभावित न हो।

जिला कलक्टर ने बैठक में निर्देश दिए कि बाढ़ नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक नियंत्रण कक्षों की स्थापना की जाए तथा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी उपखण्ड अधिकारियों और जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों की निगरानी करें।

उन्होंने नगर निगम जयपुर को निर्देश दिए कि शहर की सीवर लाइनों एवं छोटे-बड़े नालों की तत्काल सफाई कराई जाए और संबंधित अधिशाषी एवं सहायक अभियंताओं से इसका प्रमाणीकरण प्राप्त किया जाए। इसके अतिरिक्त उपखण्ड अधिकारियों एवं तहसीलदारों की टीम बनाकर सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जिले के सभी पुराने जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा निजी जर्जर भवनों का निरीक्षण कर चिन्हीकरण करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां फॉगिंग एवं एंटी लार्वा गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

जलजनित बीमारियों की रोकथाम हेतु स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और आपूर्ति लाइनों में दूषित जल प्रवेश रोकने के लिए निरंतर निगरानी के निर्देश जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को दिए गए। जयपुर विद्युत वितरण निगम को मानसून से पूर्व ढीले तारों को कसवाने और जमीन पर रखे ट्रांसफार्मरों को ऊंचा स्थापित कर सुरक्षा घेरा बनाने के निर्देश दिए गए।

जल संसाधन विभाग को जिले के सभी छोटे-बड़े तालाबों की निगरानी और आवश्यक मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने तथा नदी-नालों के बहाव क्षेत्रों में आने वाले राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर रपट एवं पुलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को मानसून के दौरान जीवन रक्षक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मलेरिया सहित जलजनित रोगों की रोकथाम के निर्देश दिए गए। वहीं पशुपालन विभाग को पशुओं में रोग नियंत्रण हेतु टीकाकरण एवं आवश्यक दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिला रसद अधिकारी को आपात स्थिति में रसोई गैस, कैरोसीन, डीजल, पेट्रोल एवं खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नागरिक सुरक्षा उपनियंत्रक को बाढ़ बचाव टीमों में प्रशिक्षित तैराक, गोताखोर, रेस्क्यूअर एवं स्वयंसेवकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने तथा उपखण्ड स्तर पर सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में एसडीआरएफ, गृह रक्षा विभाग, पुलिस विभाग, जयपुर मेट्रो, भारतीय रेलवे तथा शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। अतिरिक्त जिला कलक्टर जयपुर दक्षिण युगांतर शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

यह बैठक मानसून पूर्व प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसमें प्रत्येक विभाग को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपकर आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

Pratahkal Bureau

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