मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0: जयपुर जिला कलेक्टर ने दिए 15 जून तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश
जिला कलेक्टर संदेश नायक ने हरियालो राजस्थान के तहत पौधारोपण लक्ष्यों की तैयारी और जल संचय पोर्टल पर डेटा अपलोड करने के लिए विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

जयपुर में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 की समीक्षा बैठक लेते जिला कलेक्टर संदेश नायक, साथ में जिला परिषद सीईओ प्रतिभा वर्मा व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित।
जयपुर। राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 और जल संचय जन भागीदारी 2.0 की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जयपुर जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। शुक्रवार को जिला कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अभियान की प्रगति का जायजा लिया गया। बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत किए गए समस्त कार्यों को आगामी 15 जून तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए ताकि मानसून पूर्व जल संचय की पुख्ता व्यवस्था हो सके।
जल संरक्षण के इस महाअभियान में पारदर्शिता और समन्वय पर जोर देते हुए कलेक्टर नायक ने नगरीय निकायों, जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और सभी लाइन विभागों को निर्देशित किया है कि वे जल संचय से संबंधित अपने समस्त कार्यों का विवरण आधिकारिक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। इसके साथ ही, आगामी मानसून सत्र के दौरान राज्य को हरित आवरण से आच्छादित करने के ध्येय वाली 'हरियालो राजस्थान' योजना को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिला कलेक्टर ने कृषि, उद्यान, वन विभाग, नगर निगम और जेडीए सहित अन्य संबंधित विभागों को उनके लिए निर्धारित पौधारोपण के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से अर्जित करने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां अविलंब पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने मिशन की गंभीरता को रेखांकित किया। बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा, उपवन संरक्षक वी केतन कुमार, और जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शेर सिंह लुहारिया सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह बैठक जल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जयपुर जिला प्रशासन की भविष्यगामी रणनीति को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य जल स्वावलंबन के लक्ष्यों को धरातल पर उतारते हुए 'हरियालो राजस्थान' के संकल्प को सिद्ध करना है।

