जयपुर के झालाना में 150 टीपीडी आधुनिक ट्रांसफर स्टेशन शुरू, ठोस कचरा प्रबंधन को मिलेगी नई रफ्तार
जयपुर के झालाना में 150 टीपीडी आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन शुरू हुआ। जानिए इससे ठोस कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था में क्या बदलाव आएगा।

कोलाज की पहली तस्वीर में नगर निगम जयपुर के कार्यक्रम मंच पर मंत्री झाबरसिंह खर्रा और अन्य अतिथि स्मृति चिह्न के साथ दिखाई दे रहे हैं।
जयपुर में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। नगर निगम जयपुर ने झालाना स्थित 150 टीपीडी क्षमता वाले आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का शुभारंभ किया। नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री श्री झाबरसिंह खर्रा ने लोकार्पण पट्टिका का अनावरण कर ट्रांसफर स्टेशन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मालवीय नगर विधायक श्री कालीचरण सर्राफ, प्रशासक श्री वे. सरवणे, आयुक्त श्री ओम कसेरा, अतिरिक्त आयुक्त श्री नरेन्द्र कुमार बंसल सहित अन्य उपायुक्त उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री झाबरसिंह खर्रा के जन्मदिन पर नगर निगम के अधिकारियों ने उन्हें पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया और जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत” मिशन के तहत यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि आसपास का वातावरण स्वच्छ रखने से परिवार, समाज और राष्ट्र सभी को लाभ होगा। साथ ही उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कर उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील भी की।
मालवीय नगर विधायक श्री कालीचरण सर्राफ ने कहा कि आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन से शहर की स्वच्छता व्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि मालवीय नगर जोन और झालाना जोन में घर-घर कचरा संग्रहण से लेकर अंतिम निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया मैकेनाइज्ड होने से स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
नगर निगम के अनुसार वर्तमान में मालवीय नगर जोन के डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों के लिए झालाना में 100 टन प्रति दिवस (100 TPD) क्षमता का मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन संचालित है। कचरे की बढ़ती मात्रा को देखते हुए मालवीय नगर जोन और झालाना जोन के लिए 150 टन प्रति दिवस (150 TPD) क्षमता वाला नया मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन विकसित किया गया है।
उपायुक्त (गैराज) ने बताया कि यह मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन बीओटी (Build-Operate-Transfer) मॉडल पर तैयार किया गया है, जिसमें सभी सिविल, इलेक्ट्रिक और मैकेनिकल कार्य कंपनी द्वारा किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम अन्य जोनों में भी इसी प्रकार के ट्रांसफर स्टेशन विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
नए ट्रांसफर स्टेशन में तीन रिफ्यूज कॉम्पेक्शन यूनिट, पांच हुक लोडर वाहन और सात कंटेनर उपलब्ध कराए गए हैं। विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी प्लांट निर्बाध रूप से संचालित रहे, इसके लिए अलग से विद्युत जनरेटर की व्यवस्था की गई है। वार्डों से आने वाले सभी वाहनों का वजन करने के लिए वेब्रिज भी स्थापित किया गया है।
इस ट्रांसफर स्टेशन पर मालवीय नगर जोन और झालाना जोन के घर-घर कचरा संग्रहण के हॉपर वाहनों से आने वाले कचरे को स्टेटिक कॉम्पेक्टर यूनिट में कॉम्पेक्शन कर मशीन-टू-मशीन प्रणाली के माध्यम से लांगडियावास वेस्ट टू एनर्जी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही दोनों जोनों में घर-घर कचरा संग्रहण, परिवहन तथा ट्रांसफर स्टेशन से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट तक नगरीय ठोस अपशिष्ट का संपूर्ण परिवहन पूर्णतया मैकेनाइज्ड तरीके से किया जाएगा।
नगर निगम का कहना है कि इस आधुनिक व्यवस्था के लागू होने से मालवीय नगर और झालाना जोन में घर-घर कचरा संग्रहण से लेकर अंतिम निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया पूर्णतया मैकेनाइज्ड, वैज्ञानिक, समयबद्ध और पर्यावरण अनुकूल हो जाएगी। इससे परिवहन लागत और समय में कमी आएगी, स्वच्छता व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी तथा पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

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