जयपुर। अखिल भारतीय संत समिति राजस्थान के अध्यक्ष स्वामी बालमुकुन्दाचार्य महाराज ने गौ-ब्राह्मण संत सेवी, श्री श्री 1008 महंत श्रीरामशरण दास जी महाराज के साकेतगमन पर भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं। श्री कौशल्या दास जी की बगीची, श्री राम विलास आश्रम, नाला पावर हाउस रोड, बनीपार्क, जयपुर स्थित पूज्य महाराज के निधन का समाचार प्राप्त होते ही संपूर्ण संत समाज, भक्तजनों एवं श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई। इसे एक अपूरणीय क्षति बताते हुए स्वामी बालमुकुन्दाचार्य महाराज ने कहा कि पूज्य महाराज का संपूर्ण जीवन सेवा, साधना, त्याग एवं भक्ति का अनुपम उदाहरण रहा है। उन्होंने अपने असंख्य शिष्यों एवं भक्तों को प्रभु प्रेम, नाम-साधना एवं सनातन धर्म के आदर्शों का मार्ग दिखाकर अनगिनत जीवों को आलोकित किया।

स्वामी बालमुकुन्दाचार्य महाराज ने कहा कि उनका दिव्य व्यक्तित्व, सरलता, करुणा एवं धर्मनिष्ठा सदैव समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। इस दुःखद घड़ी में स्वामी बालमुकुन्दाचार्य महाराज ने प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर अंतिम संस्कार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा सभी कार्यों को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने श्रीकान्हा दास जी महाराज को ढांढस बँधाते हुए समस्त संत समाज की ओर से गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। अंत में, स्वामी बालमुकुन्दाचार्य महाराज ने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा समस्त शोकाकुल भक्तों एवं परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

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