जयपुर में ‘रास्ता खोलो अभियान’ का शंखनाद: 14 माह में 1500 से अधिक अवरुद्ध मार्गों पर दौड़ी राहत की लहर
जयपुर जिला प्रशासन का 'रास्ता खोलो अभियान' ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में महज 14 माह में 1508 बंद रास्ते खुलवाए गए। फागी तहसील 136 रास्ते खोलकर अव्वल रही। आपसी समझाइश से वर्षों पुराने विवाद सुलझाकर अब तक 300 किमी से अधिक सड़कों का निर्माण भी किया जा चुका है। जानिए कैसे सुगम हुआ लाखों किसानों का सफर।

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के ग्रामीण अंचलों में दशकों से अवरुद्ध पड़े रास्तों की बेड़ियाँ अब टूटने लगी हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के सुशासन और जनहित के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए जयपुर जिला प्रशासन ने ‘रास्ता खोलो अभियान’ के माध्यम से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। महज 14 महीनों के अल्प समय में जिले के 1,508 बंद रास्तों को खुलवाकर प्रशासन ने लाखों ग्रामीणों और किसानों के जीवन की राह आसान कर दी है। यह अभियान अब केवल एक प्रशासनिक गतिविधि न रहकर ग्रामीणों के लिए सुगम आवागमन और न्याय का दूसरा नाम बन चुका है।
इस परिवर्तनकारी अभियान की सफलता की कमान स्वयं जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी संभाल रहे हैं। डॉ. सोनी की निरंतर मॉनिटरिंग और संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि जो विवाद दशकों से पुलिस थानों और कचहरियों की फाइलों में दबे थे, उन्हें आपसी समझाइश और संवाद के माध्यम से सुलझा लिया गया। कलक्टर के निर्देशों पर प्रत्येक तहसील में हर सप्ताह कम से कम तीन रास्ते खुलवाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसने इस मुहिम को एक आंदोलन का रूप दे दिया है। आंकड़ों के आईने में देखें तो फागी तहसील इस अभियान में अग्रणी बनकर उभरी है, जहाँ सर्वाधिक 136 रास्ते खुलवाए गए, जबकि मौजमाबाद में भी 120 रास्तों से अवरोध हटाकर ग्रामीणों को बड़ी सौगात दी गई है।
अभियान के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री आशीष कुमार ने इस सफलता का विस्तृत खाका खींचते हुए बताया कि 15 नवम्बर 2024 से 10 जनवरी 2026 के बीच प्रशासन ने पूरी तत्परता से कार्य किया है। फागी और मौजमाबाद के अतिरिक्त आंधी में 101, चौमूं में 91, शाहपुरा में 86, आमेर एवं जमवारामगढ़ में 80-80, दूदू में 78, माधोराजपुरा में 76, जोबनेर में 74, रामपुरा-डाबड़ी में 72, फुलेरा में 81 और चाकसू में 82 रास्ते खुलवाए जा चुके हैं। वहीं बस्सी, किशनगढ़-रेनवाल, कोटखावदा, जालसू, तूंगा, सांगानेर, कालवाड़ और जयपुर तहसील में भी सघनता से कार्य कर अवरुद्ध मार्गों को सुचारु किया गया है।
प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण इस बात से भी मिलता है कि रास्ते खुलने के साथ ही वहां स्थाई बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के आदेशानुसार अब तक 300 किलोमीटर से अधिक ग्रेवल रोड और 20 किलोमीटर से अधिक सीसी रोड का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, ताकि ग्रामीणों को कीचड़ और दुर्गम रास्तों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सके। हालांकि, श्री आशीष कुमार ने स्पष्ट किया है कि जो प्रकरण वर्तमान में न्यायालयों में विचाराधीन हैं, उनका समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित न्यायालयों द्वारा ही सुनिश्चित किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों पर अतिक्रमण और आपसी विवाद लंबे समय से कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए थे, जिससे किसानों का धन और समय दोनों बर्बाद हो रहे थे। ‘रास्ता खोलो अभियान’ ने न केवल इन विवादों को समाप्त कर सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया है, बल्कि सरकारी तंत्र के प्रति जनविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है। ढाणियों और खेतों तक पहुँचने वाली ये नई राहें अब जयपुर के ग्रामीण विकास की नई इबारत लिख रही हैं।

Pratahkal Bureau
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