जयपुर: खाकी को मिला पारदर्शिता का मान, शाह और शर्मा ने फूंका सुशासन का शंखनाद
जयपुर में आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 8,000 से अधिक नवनियुक्त कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र सौंपे। शाह ने राजस्थान को पेपरलीक से मिली निजात और पारदर्शी भर्ती प्रणाली की सराहना की, जबकि मुख्यमंत्री ने 'R4C' साइबर सेंटर की स्थापना की घोषणा की। सुशासन और न्याय की दिशा में राजस्थान पुलिस के इस नए अध्याय का विस्तृत विवरण पढ़ें।

जयपुर, 10 जनवरी। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपा) का परिसर आज एक ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बना, जहां हजारों युवाओं के सपनों को 'बिना सिफारिश और बिना खर्चे' की हकीकत ने पंख दिए। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित 'कांस्टेबल नव नियुक्ति समारोह' केवल एक सरकारी आयोजन मात्र नहीं, बल्कि राजस्थान की प्रशासनिक शुचिता और कानून-व्यवस्था के नए युग का औपचारिक शंखनाद था। समारोह का सबसे भावुक और गौरवशाली क्षण वह था जब श्री अमित शाह ने सांकेतिक रूप से 10 आरक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिसके साथ ही कुल 8 हजार से अधिक नवनियुक्त पुलिसकर्मियों ने प्रदेश की सुरक्षा का संकल्प लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने दो टूक शब्दों में कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ही किसी राज्य के विकास की नींव होती है। उन्होंने पूर्ववर्ती शासनकाल के 'पेपरलीक' के कलंक को धोने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पीठ थपथपाते हुए कहा कि आज राजस्थान का युवा अपनी योग्यता के दम पर वर्दी पहन रहा है। श्री शाह ने प्रदेश की भौगोलिक जटिलताओं—पाकिस्तान से लगती सीमा, थार का रेगिस्तान और चंबल के बीहड़—का उल्लेख करते हुए पुलिस बल की चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने महिला सशक्तीकरण की सराहना करते हुए कहा कि 2,500 से अधिक महिलाओं का चयन पुलिस बल की सक्षमता को नया आयाम देगा। गृह मंत्री ने भारतीय न्याय संहिता के माध्यम से अंग्रेजों के 150 साल पुराने कानूनों की समाप्ति और 'शरीर, संपत्ति एवं सम्मान' की रक्षा की नई गारंटी का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तीन साल के भीतर उच्चतम न्यायालय तक न्याय सुनिश्चित होगा।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस कालखंड को देश की आजादी के बाद का सबसे अभूतपूर्व समय बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और श्री अमित शाह के नेतृत्व में धारा 370 के खात्मे और सीएए जैसे ऐतिहासिक फैसलों का उल्लेख करते हुए इसे सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि करार दिया। मुख्यमंत्री ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि प्रदेश में 'राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर' (R4C) की स्थापना की जाएगी, जो 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने पिछले दो वर्षों के आंकड़ों के हवाले से बताया कि राज्य में अपराधों में 14 प्रतिशत की कमी आई है, जो एसआईटी के गठन, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और ऑपरेशन साइबर शील्ड जैसे कठोर कदमों का परिणाम है।
इस गौरवशाली समारोह में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, सांसद श्री मदन राठौड़ और मुख्य सचिव श्री वी श्रीनिवास सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने नवनियुक्त कांस्टेबलों को आपराधिक न्याय प्रणाली की रीढ़ बताते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान 'खेलो इंडिया' योजना के तहत नवनिर्मित मल्टी परपज इंडोर हॉल का वर्चुअल लोकार्पण भी किया गया। यह आयोजन न केवल पुलिस बल की संख्यात्मक वृद्धि का प्रतीक बना, बल्कि राजस्थान को 'सुरक्षित और समृद्ध प्रदेश' बनाने के संकल्प को भी नई ऊर्जा दे गया।

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