जयपुर। जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में रविवार को स्वर साधना संस्थान की ओर से आयोजित संगीत संध्या ‘सुन साहिबा सुन’ में रविंद्र जैन और राजेश रोशन के संगीत से जुड़े लोकप्रिय नगमों ने श्रोताओं को पुरानी मधुर यादों में पहुंचा दिया। सदाबहार गीतों की सुरमयी प्रस्तुतियों से सजी शाम में संगीत प्रेमी देर तक मंत्रमुग्ध रहे।

कार्यक्रम में कलाकारों ने ‘सुन साहिबा सुन, कहो ना प्यार है’, ‘अंखियों के झरोखे से’ और ‘एक डाल पर तोता बोले’ जैसे लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। मधुर सुरों और सधी हुई गायकी पर दर्शक भी झूमते नजर आए। हर प्रस्तुति के बाद रंगायन सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

स्वर साधना संस्थान के संस्थापक नरेंद्र सिंह मेहता ने ‘तू जो मेरे सुर में सुर मिलाये’ गीत प्रस्तुत कर संगीत प्रेमियों का दिल जीत लिया। वहीं बाल कलाकार यशिता और काशी कुमावत की प्रस्तुतियों को भी दर्शकों की खूब सराहना मिली।

कार्यक्रम में कैलाश सोलंकी, धर्मेंद्र उपाध्याय, जेपी रामावत, समीर सैन और नीलिमा कुमावत सहित अन्य कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। सदाबहार गीतों, सुरीली आवाजों और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने ‘सुन साहिबा सुन’ की शाम को संगीत प्रेमियों के लिए यादगार बना दिया।

Next Story