जयपुर, 26 दिसम्बर। राजस्थान में पर्यटन, कला और सांस्कृतिक धरोहरों के समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को शासन सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने की। इस उच्चस्तरीय बैठक में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी तथा राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामरतन शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पर्यटन विभाग से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों, योजनाओं और लंबित परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने पुष्कर प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। इसके साथ ही दिल्ली में राजस्थान के लिए एक कल्चररल सेंटर स्थापित करने की संभावनाओं पर भी गंभीर चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कला एवं संस्कृति के संरक्षण को लेकर उपमुख्यमंत्री ने विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि राजस्थान की पारंपरिक पेंटिंग, भित्ति चित्रकारी और अन्य लोक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन कलाओं का संरक्षण केवल सांस्कृतिक दायित्व नहीं, बल्कि पर्यटन को सशक्त करने का भी माध्यम है।

बैठक में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण द्वारा झुन्झुनू में प्रस्तावित वार म्यूजियम के निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने आवश्यक निर्देश जारी किए। इसके साथ ही आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण को आमेर के अंदरूनी क्षेत्र के लिए मास्टरप्लान तैयार कर इंटेग्रेटेड डेवलपमेंट करने के निर्देश दिए गए। इसमें सुरक्षा, पार्किंग, सफाई व्यवस्था, दुकानों का व्यवस्थित विकास और पर्यटक सुविधाओं के सुनियोजित विस्तार पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जवाहर कला केन्द्र से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीन स्मारकों पर उपयुक्त लाइटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। पर्यटन विभाग की विकास शाखा एवं टीआरसी जयपुर द्वारा जेडीए को जयपुर में कॉन्सर्ट पर्यटन के विकास हेतु भूमि आवंटन की प्रगति की जानकारी भी उन्हें दी गई।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आरटीडीसी लैंड डिस्पोजल रूल्स में शीघ्र परिवर्तन किया जा रहा है। इसके साथ ही श्री खाटू श्याम जी मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों और खाटू श्याम जी सीएसएस वर्क को तेजी से पूरा किए जाने की जानकारी साझा की गई। ट्राईबल सर्किट के निर्माण को लेकर टीएडी के सुझावों हेतु पत्रावली प्रेषित किए जाने की सूचना भी बैठक में दी गई।

ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में उपमुख्यमंत्री ने एकीकृत ग्रामीण पर्यटन विकास पर बल देते हुए प्रारंभिक चरण में शेखावाटी और आभानेरी क्षेत्रों में कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन प्रवीण गुप्ता ने बताया कि आभानेरी में ग्रामीण पर्यटन और मॉडल टूरिस्ट विलेज के तहत कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पांच गांवों के लिए संस्कृति पोर्टल प्रस्तावित है, जबकि शेखावाटी में भी दो-तीन स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट की योजना बनाई गई है।

यह बैठक न केवल पर्यटन विकास की दिशा तय करने वाली रही, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, ग्रामीण पर्यटन और वैश्विक पहचान को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

Pratahkal Newsroom

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