जयपुर में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) निदेशालय में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंगलवार, 27 अक्टूबर को निदेशालय के जयपुर मुख्यालय परिसर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों ने बाल विवाह रोकने तथा इसके खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में समेकित बाल विकास सेवाएं के निदेशक श्री वासुदेव मालावत सहित निदेशालय के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ली। सभी कार्मिकों ने बाल विवाह को सामाजिक बुराई और कानून का उल्लंघन मानते हुए इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।

शपथ में कहा गया, “बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और कानून का उल्लंघन है। मैं बाल विवाह के खिलाफ हर संभव प्रयास करूंगा/करूंगी, अपने परिवार, पड़ोस और समुदाय में बाल विवाह नहीं होने दूंगा/दूंगी, किसी भी प्रयास की सूचना पंचायत और सरकार को दूंगा/दूंगी तथा बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण में योगदान दूंगा/दूंगी।”

इस अवसर पर निदेशक श्री मालावत ने कहा कि बाल विवाह बालक एवं बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास में बड़ी बाधा है। इसे रोकने के लिए जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने मुख्यालय के साथ-साथ सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इस शपथ को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती अलका विश्नोई, अतिरिक्त निदेशक (पोषण) श्री दीनानाथ बब्बल और उप निदेशक (विश्व खाद्य कार्यक्रम) श्रीमती सरोज ढाका सहित निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाने, अपने परिवार एवं समुदाय में ऐसी घटनाओं को रोकने और किसी भी प्रयास की सूचना पंचायत तथा सरकार तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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