जयपुर, 13 मई। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने वाले हाथकरघा बुनकरों की कला को वैश्विक पहचान दिलाने और उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में भी नकद पुरस्कार देने की महत्वपूर्ण घोषणा की है। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र जयपुर (ग्रामीण) के महाप्रबंधक सुभाष चन्द्र शर्मा ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले की भौगोलिक सीमा में कार्यरत समस्त पात्र हाथकरघा बुनकरों से जिला स्तरीय पुरस्कार हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए केवल वे ही बुनकर आवेदन करने के पात्र माने जाएंगे जो विगत तीन वर्षों से निरंतर हाथकरघा पर बुनाई का कार्य कर रहे हैं। योजना की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह अनिवार्य शर्त रखी गई है कि संबंधित आवेदक को पिछले तीन वर्षों की अवधि में इस पुरस्कार के लिए चयनित न किया गया हो। इच्छुक एवं योग्य हाथकरघा बुनकर अपना पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र आगामी 15 मई 2026 तक जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र जयपुर (ग्रामीण) के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा करा सकते हैं। आवेदन पत्र प्राप्त करने हेतु भी बुनकरों को इसी कार्यालय से संपर्क करना होगा। राज्य सरकार का यह कदम न केवल बुनकरों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण में सहायक सिद्ध होगा, बल्कि लुप्त होती पारंपरिक बुनाई कला को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।

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Pratahkal Newsroom

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