जयपुर। हल्दीघाटी युद्ध के ऐतिहासिक विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जयपुर स्थित लोकभवन में एक विशेष 'शिल्प प्रदर्शनी' का आयोजन किया गया। इस गौरवपूर्ण प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने किया। मूर्तिकार महावीर भारती के प्रयासों से आयोजित इस प्रदर्शनी में महाराणा प्रताप के पराक्रम और मेवाड़ की वीर गाथाओं को मूर्तियों के माध्यम से सजीव किया गया है। कार्यक्रम की शुरुआत में राज्यपाल ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

प्रदर्शनी में हल्दीघाटी युद्ध के योद्धाओं और महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को कलाकृतियों के रूप में प्रदर्शित किया गया है। मूर्तियों का अवलोकन करते हुए राज्यपाल ने कहा कि महान इतिहास सदैव नई पीढ़ी के लिए ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत होता है। उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध का उल्लेख करते हुए अकबर की भूमिका पर टिप्पणी की और बताया कि किस प्रकार भारतीय इतिहास को लंबे समय तक उपेक्षित रखने का प्रयास किया गया। राज्यपाल ने मेवाड़ की गौरवशाली परंपराओं का स्मरण करते हुए बप्पा रावल के पराक्रम से लेकर राजस्थान की वीरांगनाओं के शौर्य का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने अकबरनामा को दरबारी इतिहास बताते हुए भारतीय योद्धाओं के वास्तविक संघर्षों को सामने लाने पर बल दिया।

इस अवसर पर नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खरा, वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी और विधायक गोपाल शर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मूर्तिकार महावीर भारती ने प्रदर्शनी की रूपरेखा प्रस्तुत की और बताया कि उनके द्वारा अब तक सौ से अधिक महाराणा प्रताप की प्रतिमाएं देश-विदेश में स्थापित की जा चुकी हैं। यह प्रदर्शनी न केवल कलात्मक दृष्टिकोण से, बल्कि ऐतिहासिक गौरव के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

Pratahkal Newsroom

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