जयपुर में ग्रामीण सेवा शिविर: विभिन्न पंचायतों में होगा समाधान
जयपुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविरों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ और जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जयपुर जिला प्रशासन द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 अब आमजन के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरे हैं। इन शिविरों के माध्यम से सुदूर ग्रामीण अंचलों तक प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है, जिससे ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्याओं का निराकरण अब उनके द्वार पर ही संभव हो पा रहा है। इसी कड़ी में 29 जून 2026 को जयपुर जिले की विभिन्न पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में इन शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनका मुख्य उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है।
जिला कलक्टर संदेश नायक के अनुसार, इन शिविरों का खाका इस प्रकार तैयार किया गया है कि प्रशासनिक मशीनरी स्वयं जनता के बीच उपस्थित होकर कार्य कर सके। निर्धारित कार्यक्रम के तहत सांगानेर उपखंड की नृसिंहपुरा, जोबनेर की खेजडावास, फागी की सुल्तानिया, चाकसू की कुम्हारियावास एवं हरिपुरा, सांभर की शार्दुलपुरा, आमेर की देव का हरवाड़ा, मौजमाबाद की मौखमपुरा तथा शाहपुरा उपखंड की अमरसर ग्राम पंचायत में विशेष शिविर आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त, चौमूं की हस्तेड़ा व किशनपुरा, माधोराजपुरा की भांकरोट़ा, बस्सी की बांसखोह व खतैपुरा, जयपुर की कालवाड, जमवारामगढ़ की राजपुरवासताला, भूरानपुरा, रायसर व देवीतला, दूदू की गहलोता, किशनगढ़ रेनवाल की डूगरसी का बास तथा रामपुरा डाबड़ी उपखंड की भट्टो की गली एवं राधाकृष्णपुरा ग्राम पंचायतों में भी प्रशासन का कारवां पहुंचेगा।
इन शिविरों की कार्यप्रणाली बेहद सुदृढ़ रखी गई है, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही मंच पर उपस्थित रहकर आमजन की परिवेदनाओं को सुनकर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पंचायती राज, कृषि, जलदाय, विद्युत, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, तथा महिला एवं बाल विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों के प्रतिनिधि इन शिविरों में सक्रिय रहेंगे। इनका प्राथमिक कार्य न केवल जनसमस्याओं का निवारण करना है, बल्कि कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ना भी है। जिला कलक्टर ने समस्त नागरिकों से आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं, ताकि राज्य सरकार की इन जनहितैषी योजनाओं का सार्थक लाभ उठाकर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकें। यह पहल जमीनी स्तर पर सुशासन की स्थापना और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।

