ईंधन संयम पर सीएम भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला, जयपुर में होने वाला 'ग्राम-2026' स्थगित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील के बाद मुख्यमंत्री ने जयपुर जेईसीसी में 23-25 मई को प्रस्तावित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट को टाला।

जयपुर में आयोजित होने वाले 'ग्राम-2026' सम्मेलन को स्थगित करने की घोषणा करते राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन और ऊर्जा संयम के संदेश का अनुपालन करते हुए यह निर्णय लिया।
जयपुर। राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन संयम की अपील का सम्मान करते हुए एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री जनसम्पर्क प्रकोष्ठ से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, जयपुर के जेईसीसी (JECC) में आगामी 23 से 25 मई तक आयोजित होने वाला भव्य 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट' (ग्राम-2026) अब इन तारीखों पर आयोजित नहीं होगा। सरकार ने ईंधन और ऊर्जा की बचत को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस बड़े आयोजन को कुछ समय के लिए स्थगित करने का फैसला किया है।
इस बड़े फैसले की पृष्ठभूमि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई वह विशेष अपील है, जिसमें उन्होंने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का बेहद समझदारी से उपयोग करने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने देश में सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग अपनाने की सलाह दी है, ताकि देश की ऊर्जा संपदा को सुरक्षित किया जा सके। इसी संदेश को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार, 15 मई को यह महत्वपूर्ण पहल की। चूंकि 'ग्राम-2026' एक बेहद व्यापक आयोजन था, जिसमें राजस्थान के कोने-कोने से बड़ी संख्या में किसान, देश-विदेश के जाने-माने कृषि विशेषज्ञ और बड़े उद्यमी शामिल होने वाले थे, इसलिए इस आयोजन को टालना आवश्यक समझा गया। इस दूरदर्शी निर्णय से अतिथियों के आवागमन और भारी लॉजिस्टिक्स परिवहन में खर्च होने वाले लाखों लीटर ईंधन की सीधी बचत की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस निर्णय के पीछे के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि बूंद-बूंद से ही सागर बनता है और हमारी छोटी-छोटी बचत से देश में एक बड़ा और सकारात्मक अंतर आएगा। मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ईंधन बचत और ऊर्जा संयम के संदेश का पूरी निष्ठा से अनुसरण करते हुए राज्य सरकार अब बड़े राजकीय कार्यक्रमों की संख्या में भारी कमी ला रही है। इसके साथ ही, सरकारी कामकाज में वर्चुअल माध्यम से बैठकों के आयोजन और वाहनों के उपयोग में किफायत बरतने को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आमजन से भी अपने निजी वाहनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने का पुरजोर आह्वान किया है। राज्य सरकार का यह कदम यह संदेश देता है कि यदि हर नागरिक थोड़ा-थोड़ा संयम बरते, तो तेल के राष्ट्रीय खर्च और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक युगांतकारी परिवर्तन लाया जा सकता है।

