जयपुर। भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को सींचने वाले सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ 'मतदाता' के सम्मान में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय मतदाता दिवस की पूर्व संध्या पर राजस्थान के राजभवन से एक ओजस्वी संदेश प्रसारित किया गया है। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने प्रदेश और देश के समस्त नागरिकों को 25 जनवरी के इस गौरवशाली अवसर पर हार्दिक बधाई देते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया है। राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में मतदाता की शक्ति को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि एक सुदृढ़ राष्ट्र के निर्माण में जन-जन की भागीदारी अनिवार्य है।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने अत्यंत मार्मिक और प्रेरणादायी शब्दों में कहा कि लोकतंत्र के इस महायज्ञ में मतदाता ही वास्तव में राष्ट्र का 'भाग्य विधाता' होता है। उन्होंने इस विशेष दिवस को मात्र एक तिथि न मानकर इसे 'मतदान जागरूकता पर्व' के रूप में मनाने पर बल दिया। राज्यपाल का मानना है कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि एक पुनीत कर्तव्य है जो देश की दिशा और दशा निर्धारित करता है। उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि इस राष्ट्रीय पर्व पर हमें यह सामूहिक संकल्प लेना चाहिए कि समाज का कोई भी नागरिक मतदान के इस पावन अधिकार से वंचित न रहे।

लोकतंत्र की मजबूती का मार्ग शत-प्रतिशत मतदान से होकर गुजरता है, और इसी विचार को जन-मानस तक पहुँचाने के लिए राज्यपाल ने विशेष आग्रह किया है। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने प्रदेश के सभी पात्र युवाओं से, जो अभी-अभी मतदान की आयु सीमा में आए हैं, अपील की है कि वे अविलंब अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाएं। उन्होंने एक ऐसे वातावरण के निर्माण पर जोर दिया जहाँ मतदान के प्रति जागरूकता एक सामाजिक आंदोलन बन सके। राजभवन से जारी इस संदेश का मूल उद्देश्य आगामी चुनावों में प्रत्येक मतदाता की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना है, ताकि भारतीय गणतंत्र की नींव और अधिक सशक्त हो सके।

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