राज दरबार द्वारा बसाए गए ऐतिहासिक नगर जयपुर के किशनपोल बाजार, मोदीखाना चौकड़ी, बोरड़ी का रास्ता स्थित मकान नं. 722 गोदीका भवन में गोदीका परिवार के पूर्वजों द्वारा स्थापित चंद्र प्रभ जिनेन्द्र भगवान के चैत्यालय का भव्य उत्थापन समारोह आयोजित किया गया। आचार्य श्री कुशाग्र नंदी जी ससंघ के मंगल आशीर्वाद से शनिवार, दिनांक 07 मार्च 2026 को विधानाचार्य श्री निर्मल जी बोहरा द्वारा अभिषेक एवं शान्तिधारा करवाने के पश्चात् श्री जी को पालकी में विराजमान करके बैंड बाजों के साथ चौकडी मोदीखाना में बड़े हर्षोल्लास के साथ भव्य जुलुस निकाला गया।

माता-पिता की भावना और विशाल नवजिनालय का निर्माण

मंदिर समिति के मंत्री प्रमोद बाकलीवाल ने बताया कि कुन्दनमल कमलादेवी गोदिका मैमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी पवन कुमार जैन पुत्र स्व. कुन्दनमल गोदिका, जो 722 गोदिका भवन परिवार के सदस्य हैं, उन्हें अपने माता-पिता के धार्मिक एवं सामाजिक सेवा भाव की प्रेरणा प्राप्त हुई, जो उनके तीनों भाइयों सुभाष चंद, पवन कुमार व अनिल कुमार गोदिका को विरासत में मिली थी। पवन कुमार जैन ने अपने स्वयं के हिस्से में प्राप्त पैतृक सम्पत्ति में से माता-पिता की मंदिर बनाने की भावना को साकार रुप देते हुए एक विशाल मंदिर का निर्माण करवाया। सन् 2013 में 150x190 = 28500 वर्गफुट क्षेत्रफल के चारों तरफ सड़क सुविधा छोड़ते हुए 70x105 = लगभग 7350 वर्गफुट में तलघर एवं भूतल सहित इस भव्य नवजिनालय को पूर्ण किया गया।

ऐतिहासिक वेदी प्रतिष्ठा एवं पंचकल्याणक महोत्सव

108 बालाचार्य श्री सिद्ध सेन जी महाराज के सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य निर्मल जी बोहरा के द्वारा नवंबर 2013 में वेदी प्रतिष्ठा सम्पन्न करवाई गयी थी। वेदी प्रतिष्ठा बड़े हर्षोल्लास के साथ होने के तत्पश्चात श्री वीरेंद्र जी गोदीका (सेवानिवृत आईपीएस - आई.जी.) एवं श्री कैलाश जी भोंच को मुख्य वेदी में पार्श्वनाथ भगवान को विराजमान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। इसके उपरांत, 108 आचार्य श्री विशद सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में नवंबर 2015 में भव्य पंचकल्याणक महामहोत्सव विज्ञानाचार्य श्री विमल जी बनेठा द्वारा सम्पन्न करवाया गया।

पंचकल्याण प्रतिष्ठा के पश्चात मुख्य वेदी में 1008 श्री आदिनाथ भगवान को विराजमान करने का सौभाग्य मनोज जी बाकलीवाल रेवड़ी वाले परिवार को प्राप्त हुआ था, जबकि 1008 महावीर भगवान को विराजमान करने का सौभाग्य पवन कुमार जैन (गोदिका) परिवार को मिला। मुख्य वेदी के दायें हाथ की वेदी में 1008 श्री आदिनाथ भगवान को विराजमान करने का सौभाग्य संतोष जी बगड़़ा सडूवाले परिवार को और मुख्य वेदी के बायें हाथ की वेदी में 108 फन के श्री पार्श्वनाथ भगवान को विराजमान करने का सौभाग्य सुरेन्द्र कुमार पाटनी, सुजानगढ़ वाले परिवार को प्राप्त हुआ था।

आचार्य कुशाग्र नंदी जी महाराज का सानिध्य और चातुर्मास

मंदिर समिति के उपाध्यक्ष धमेंद्र गोदिका ने जानकारी दी कि पारस विहार मुहाना मंडी के चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में महामना महातपस्वी महर्षि आचार्य कुशाग्र नंदी जी महाराज ससंघ का 2019 और 2020 का वर्षायोग चातुर्मास सकुशल सम्पन्न हुआ। वर्ष 2021 का चातुर्मास कीर्ति नगर, टोंक रोड़ के पार्श्व नाथ दिगंबर जैन मंदिर में हुआ। गुरुदेव का स्वास्थ्य अत्यधिक खराब होने के कारण, स्वास्थ्य लाभ हेतु दीपावली 2021 के दो दिन पूर्व उनका पारस विहार के चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन मंदिर में आगमन हुआ। जयपुर का यह प्रथम मंदिर है जहाँ आचार्य श्री कुशाग्रनंदी गुरुदेव ससंघ के सानिध्य में लगातार तीन वर्षों तक महावीर भगवान मोक्ष कल्याणक महापर्व पर निर्वाण लड्डू चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने सातीशय पुण्य का संचय किया।

मुनि श्री समत्व सागर जी का विहार एवं प्रतिमा विराजमान

सन् 2024 के वर्षायोग पूर्ण होने के पश्चात् टोंक रोड़ कीर्ति नगर के पार्श्व नाथ दिगम्बर जैन मंदिर में प्रवासरत श्री समत्व सागर जी मुनिराज विहार करते हुए पारस विहार के चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर (कुन्दनमल कमला देवी गोदिका मैमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित) में एक दिन के प्रवास हेतु आये। "तब समत्व सागर जी ने मंदिर मुख्य वेदी में अष्टधातु की 9 इंच की 1008 श्री ऋषभदेव भगवान की प्रतिमा को विराजमान करवाया।"

चैत्यालय उत्थापन एवं महोत्सव का समापन

कोषाध्यक्ष विरेन्द्र जी सेठी ने बताया कि दिनांक 08-03-2026 को गोदिका परिवार के पूर्वजों द्वारा जयपुर की बसावट के समय से स्थापित चैत्यालय का उत्थापन महोत्सव पूर्वक सम्पन्न हुआ। विधानाचार्य निर्मल जी बोहरा द्वारा भव्य वेदी शुद्धि करवाकर प्रतिमाओं को पारस विहार स्थित चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर की मुख्य वेदी में विराजमान करवाया गया। चैत्यालय के 1008 श्री चंद्र प्रभू भगवान को विराजमान करने का सौभाग्य श्री वीरेंद्र गोदीका (सेवा निवृत्त आई.पी.एस-आई.जी.) को, 1008 श्री नेमीनाथ भगवान को विराजमान करने का सौभाग्य श्री बाबूलाल गोदीका (सेवानिवृत प्रिंसिपल) को एवं शेष समस्त प्रतिमाओं को विराजमान करने का सौभाग्य 722, गोदीका भवन के सभी परिवारों को मिला।

सहकोषाध्यक्ष प्रतीक कुमार गोदिका ने बताया कि दिनांक 08-03-2026 को सकल दिगम्बर जैन समाज जयपुर, 722 गोदिका भवन परिवार एवं पारस विहार के साधर्मी बन्धुओं की सहभागिता में एक दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव सानंद सम्पन्न हुआ। निर्माण मंत्री गौरव जैन ने बताया कि वर्तमान में 50x90 = 4500 वर्गफुट में निर्मित संत भवन में आचार्यों, मुनिराजों एवं आर्यिकाओं के प्रवास तथा आहारचर्या की समुचित व्यवस्था है। संत भवन में धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों हेतु 97x76 = 7380 वर्गफिट का विशाल डोम भी बना हुआ है।

Pratahkal Bureau

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