जयपुर, 20 मई।

राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी फ्लैगशिप योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने और पात्र नागरिकों तक उनका लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में जयपुर जिला प्रशासन ने समीक्षा प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इसी क्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम राजीव द्विवेदी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में 15 विभागों की 25 फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति के निर्देश दिए।

बैठक को संबोधित करते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर राजीव द्विवेदी ने स्पष्ट कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन का दायित्व है और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सभी विभागों को समन्वित एवं सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

समीक्षा के दौरान उन्होंने जिला रसद अधिकारी प्रथम प्रियव्रत सिंह चारण को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के अंतर्गत पात्र नवीन परिवारों को लाभान्वित करने के लिए ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों में लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए उपखण्ड अधिकारी एवं विकास अधिकारी कार्यालयों में लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने पर जोर दिया गया।

बैठक में लाडो प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए भी संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। वहीं ‘कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान’ के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्धारित 125 लक्ष्यों के मुकाबले 776 जल संरचनाओं के निर्माण पर अतिरिक्त जिला कलक्टर ने संतोष व्यक्त किया और इसे उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।

इसके साथ ही लखपति दीदी योजना के अंतर्गत 95 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज होने पर विभागीय अधिकारियों को शीघ्र शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को अटल प्रगति पथ योजना के तहत आवंटित कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए भी कहा गया।

समीक्षा बैठक के दौरान कुसुम योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण एवं शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण) तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अन्य प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया। सभी विभागीय अधिकारियों को ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों में सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराते हुए लंबित कार्यों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश प्रदान किए गए।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर तृतीय देवयानी, सीपीओ डॉ. सुदीप कुमावत सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। यह समीक्षा बैठक प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिसके तहत योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखकर आमजन तक प्रभावी रूप से पहुँचाने पर जोर दिया जा रहा है।

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