दीपावली पर आतिशबाजी के दौरान आगजनी की घटनाओं और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जयपुर नगर निगम ने अग्निशमन शाखा को अलर्ट मोड पर रखा है। नगर निगम प्रशासन ने शहर के 12 फायर स्टेशनों सहित विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर दमकल वाहन, आवश्यक उपकरण और अग्निशमन कर्मियों की तैनाती की है। इसके साथ ही आगजनी की घटना होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी फायर स्टेशनों के आपातकालीन फोन नंबर भी जारी किए गए हैं।

नगर निगम की अग्निशमन शाखा ने दीपावली पर्व पर आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा बरतने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए फायर स्टेशनों पर अग्निशमन वाहनों के साथ सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

नगर निगम आयुक्त श्री ओम कसेरा ने बताया कि रोशनी का पर्व दीपोत्सव आतिशबाजी और दीप जलाकर खुशियों के साथ मनाया जाता है। इस दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना नहीं हो, इसके लिए अग्निशमन शाखा की टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उपायुक्त फायर श्रीमती दुर्गा कुमारी ने बताया कि दीपावली पर आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन टीमों की तैनाती की गई है। शहर के विश्वकर्मा, झोटवाड़ा, बिंदायका, 22 गोदाम, मालवीय नगर, मानसरोवर, सीतापुरा, अपैरल पार्क, बनीपार्क, घाटगेट, आमेर और चौगान सहित कुल 12 फायर स्टेशनों पर दमकल वाहन तैनात रहेंगे। नगर निगम ने इन सभी फायर स्टेशनों के फोन नंबर जारी किए हैं, ताकि आगजनी की किसी भी घटना की सूचना तत्काल दी जा सके।

दीपावली पर्व को देखते हुए 6 नवंबर से 11 नवंबर 2026 तक सभी स्थायी और अस्थायी अग्निशमन कार्मिकों की ड्यूटी दो पारियों में निर्धारित की गई है। पहली पारी सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक और दूसरी पारी शाम 7 बजे से अगले दिन सुबह 7 बजे तक रहेगी।

इसके अलावा 6 नवंबर से 11 नवंबर 2026 तक नगर निगम जयपुर के क्षेत्राधिकार में 11 पुलिस थानों सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर भी अग्निशमन वाहन, आवश्यक उपकरण और स्टाफ तैनात रहेंगे। इनमें विद्याधर नगर थाना, वैशाली नगर थाना, मानसरोवर थाना, मालवीय नगर थाना, सांगानेर थाना, शास्त्री नगर थाना, चित्रकूट थाना, ब्रह्मपुरी थाना, रामगंज थाना, माणक चौक थाना और कोतवाली थाना शामिल हैं। इनके अतिरिक्त पुलिस आयुक्तालय, नगर निगम मुख्यालय पार्ट-2, नगर निगम मुख्यालय पार्ट-1 और यादगार पुलिस कंट्रोल रूम पर भी दमकल वाहनों की व्यवस्था रहेगी।

नगर निगम प्रशासन ने आमजन से आतिशबाजी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को पटाखे हमेशा खुले और सुरक्षित स्थानों पर चलाने, आतिशबाजी के दौरान सूती एवं सुरक्षित कपड़े पहनने तथा ढीले, सिंथेटिक और ज्वलनशील कपड़ों से बचने की सलाह दी गई है। बच्चों को अकेले पटाखे नहीं चलाने देने और हमेशा बड़ों की निगरानी में आतिशबाजी करवाने को कहा गया है।

पटाखे जलाने के लिए मोमबत्ती अथवा लंबी लकड़ी का उपयोग करने और उन्हें हाथ में पकड़कर नहीं जलाने की हिदायत दी गई है। आतिशबाजी के दौरान पर्याप्त दूरी बनाए रखने तथा जले हुए पटाखों के पास तुरंत नहीं जाने की सलाह दी गई है। घरों, दुकानों, वाहनों, बिजली के तारों और ज्वलनशील पदार्थों के आसपास पटाखे नहीं चलाने तथा रॉकेट और हवाई पटाखों का उपयोग केवल खुले स्थान पर करने को कहा गया है। ऐसे पटाखों का मुंह आसमान की ओर रखने की भी हिदायत दी गई है।

नगर निगम ने पटाखों को जेब में नहीं रखने, जले हुए पटाखों को दोबारा जलाने का प्रयास नहीं करने तथा आसपास पानी से भरी बाल्टी और अग्निशमन यंत्र रखने की अपील की है। जले और अधजले पटाखों को सुरक्षित तरीके से पानी में डालकर निष्क्रिय करने, निर्धारित समय और ध्वनि संबंधी नियमों का पालन करने तथा किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों, पेट्रोल पंपों, गैस गोदामों और अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास आतिशबाजी नहीं करने के साथ घरों की छतों और आसपास कचरा या कबाड़ एकत्रित नहीं करने की भी सलाह दी गई है।

पटाखों की दुकानों और आतिशबाजी सामग्री के भंडारण एवं बिक्री के संबंध में भी नगर निगम ने सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। पटाखों की बिक्री केवल सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी वैध अनुज्ञापत्र यानी लाइसेंस के आधार पर करने को कहा गया है। पटाखों का भंडारण और बिक्री लाइसेंस में निर्धारित स्थान तथा स्वीकृत मात्रा के अनुसार ही करने के निर्देश दिए गए हैं।

दुकानों में पर्याप्त अग्निशमन यंत्र और पानी से भरी बाल्टियां रखने, धूम्रपान, बीड़ी, सिगरेट तथा किसी भी प्रकार की खुली आग पर पूरी तरह प्रतिबंध रखने की हिदायत दी गई है। दुकानों में बिजली की सुरक्षित वायरिंग और उचित विद्युत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ आसपास ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण नहीं करने को कहा गया है। पटाखों के अतिरिक्त अन्य ज्वलनशील सामग्री दुकान में नहीं रखने और ग्राहकों को पटाखे चलाने से जुड़े सुरक्षा निर्देशों की जानकारी देने की भी अपील की गई है। किसी भी अग्नि दुर्घटना की स्थिति में तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचित करना अनिवार्य बताया गया है।

आग लगने या दुर्घटना होने पर नगर निगम ने लोगों से घबराने के बजाय शांत रहकर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। फोन पर बातचीत धीमी और स्पष्ट आवाज में करने तथा घटनास्थल का पूरा पता बताने को कहा गया है। छोटी आग को सुरक्षित तरीके से अग्निशमन यंत्र की सहायता से बुझाने का प्रयास करने और घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है।

नगर निगम जयपुर ने आगजनी की घटनाओं पर तत्काल सहायता के लिए 12 फायर स्टेशनों के आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। विश्वकर्मा अग्निशमन केंद्र (कंट्रोल रूम) के नंबर 0141-2332573 और 2330080 हैं। झोटवाड़ा अग्निशमन केंद्र से 0141-2348852, बिंदायका अग्निशमन केंद्र से 0141-2240100 तथा 22 गोदाम अग्निशमन केंद्र से 0141-2211258 और 2210093 पर संपर्क किया जा सकता है।

मालवीय नगर अग्निशमन केंद्र के नंबर 0141-5132101 और 2755930, मानसरोवर अग्निशमन केंद्र के नंबर 0141-2395566 और 8764879778 तथा सीतापुरा अग्निशमन केंद्र का नंबर 8764879779 जारी किया गया है। अपैरल पार्क अग्निशमन केंद्र का नंबर 8764880100 है।

बनीपार्क अग्निशमन केंद्र (कंट्रोल रूम) के नंबर 0141-2201898 और 2200926, घाटगेट अग्निशमन केंद्र के नंबर 0141-2615550, 2567967 और 2600774 हैं। आमेर अग्निशमन केंद्र से 0141-2531282 तथा चौगान अग्निशमन केंद्र से 0141-2411891 और 8279179062 पर संपर्क किया जा सकता है।

दीपावली के दौरान 6 से 11 नवंबर 2026 तक निर्धारित दो पालियों में अग्निशमन कर्मियों की तैनाती, 12 फायर स्टेशनों और प्रमुख स्थानों पर दमकल वाहनों की उपलब्धता तथा आपातकालीन संपर्क नंबर जारी करने के माध्यम से नगर निगम ने आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारियां सुनिश्चित की हैं।

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