जयपुर में बंगाल की कला, संस्कृति और परंपराओं का भव्य संगम देखने को मिलेगा। प्रोबासी बंगाली कल्चरल सोसायटी (PBCS) की ओर से जय क्लब लॉन्स, सी-स्कीम, जयपुर में 15 से 21 अक्टूबर 2026 तक 32वें वार्षिक दुर्गा पूजा समारोह का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान में आयोजित होने वाले सबसे बड़े दुर्गा पूजा उत्सव के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके इस समारोह में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत, नृत्य और देश के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

इस वर्ष मां दुर्गा की लगभग 20 फीट ऊंची भव्य एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। प्रतिमा के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है। समारोह के लिए तैयार किया गया भव्य पंडाल पश्चिम बंगाल की कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और स्थापत्य शैली को प्रदर्शित करेगा। इसकी सजावट के माध्यम से जयपुर में बंगाल की सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक देखने को मिलेगी।

सात दिवसीय समारोह के दौरान प्रतिदिन संध्या समय बंगाली परंपरा और विधि-विधान के अनुसार भव्य संध्या आरती होगी। इस दौरान पारंपरिक शंखध्वनि, ढाक और बंगाली धार्मिक परंपराओं की झलक श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगी। धुनुची नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत एवं नृत्य प्रस्तुतियां, प्रतियोगिताएं और देश के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां भी समारोह के प्रमुख आकर्षण रहेंगी। कोलकाता से आने वाले प्रसिद्ध कलाकारों के कार्यक्रम उत्सव को विशेष सांस्कृतिक आयाम प्रदान करेंगे।

PBCS के अध्यक्ष डॉ. एस. के. सरकार ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कला, संस्कृति, सामाजिक समरसता और भाईचारे का उत्सव है। PBCS का प्रयास है कि जयपुरवासियों को बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के साथ सभी समुदायों को इस उत्सव से जोड़ा जाए, जिससे एकता और सद्भाव की भावना मजबूत हो।

PBCS के महासचिव डॉ. रॉबिन सरकार ने बताया कि इस वर्ष समारोह में देश के विभिन्न स्थानों से प्रतिष्ठित कलाकार भाग लेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पारंपरिक नृत्य, संगीत, मैजिक शो, डांस और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता सहित अनेक आकर्षक आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने जयपुरवासियों से सपरिवार समारोह में शामिल होने का आह्वान किया।

समारोह की शुरुआत 15 अक्टूबर 2026 को पंचमी के अवसर पर कोलकाता की प्रियंका सरकार के विशेष मैजिक शो से होगी। 16 अक्टूबर को षष्ठी के दिन म्यूजिकल ईवनिंग, डांस प्रतियोगिता और स्मारिका (Souvenir) का विमोचन किया जाएगा।

17 अक्टूबर को सप्तमी के प्रथम दिन रुनझुन नृत्य कला संस्थान की विशेष प्रस्तुति और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित होगी। 18 अक्टूबर को सप्तमी के द्वितीय दिन गौडीय नृत्य भारती, कोलकाता की विशेष प्रस्तुति होगी। इस कार्यक्रम में प्रो. महुआ मुखर्जी एवं पंडित अमिताभ मुखर्जी प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही PBCS Singers की विशेष संगीतमय प्रस्तुति भी होगी।

19 अक्टूबर को अष्टमी के अवसर पर अंशु सक्सेना एवं ऑर्केस्ट्रा पार्टी की प्रस्तुति और PBCS Musical Evening आयोजित होगी। 20 अक्टूबर को नवमी के दिन PBCS Musical Evening के साथ दो वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान समारोह और आकर्षक लकी ड्रॉ होगा।

21 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर दुर्गा पूजा की पारंपरिक रीति के अनुसार महिलाओं द्वारा विशेष ‘सिंदूर खेला’ आयोजित किया जाएगा। यह बंगाली संस्कृति की महत्वपूर्ण और भावपूर्ण परंपरा है। इसमें महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करने के बाद एक-दूसरे के साथ सिंदूर खेलकर सुख, समृद्धि और सौभाग्य की कामना करती हैं। इसके बाद शाम को मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा का पारंपरिक रीति-विधि और श्रद्धा के साथ विसर्जन किया जाएगा।

पूरे सात दिवसीय समारोह में बंगाली परंपरा के अनुसार प्रतिदिन संध्या आरती, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस दौरान धुनुची नृत्य भी विशेष आकर्षण रहेगा। आयोजकों के अनुसार, दुर्गा पूजा के माध्यम से राजस्थान और पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं के बीच सेतु को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रोबासी बंगाली कल्चरल सोसायटी ने जयपुर एवं राजस्थान के सभी नागरिकों से सपरिवार समारोह में शामिल होकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा बंगाल की कला और संस्कृति का आनंद लेने का आग्रह किया है। जय क्लब लॉन्स, सी-स्कीम, जयपुर में आयोजित होने वाला यह 32वां वार्षिक दुर्गा पूजा समारोह धार्मिक परंपराओं के साथ सांस्कृतिक सहभागिता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहेगा।

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