जयपुर डीआरटी में विशेष लोक अदालत: बैंक कर्ज विवादों का होगा त्वरित निपटारा
राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से 8 मई को बैंकिंग और वित्तीय मामलों के समाधान के लिए विशेष सत्र और प्री-काउंसलिंग का आयोजन किया जाएगा।

जयपुर स्थित ऋण वसूली अधिकरण कार्यालय में 8 मई 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के बारे में जानकारी देते रजिस्ट्रार कपिल सिधाना।
जयपुर। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन ऋण वसूली अधिकरण (डीआरटी), जयपुर में लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण हेतु आगामी 8 मई 2026 को एक विशेष लोक अदालत का भव्य आयोजन किया जाएगा। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कार्यवाहक अध्यक्ष की अनुमति से आयोजित होने वाला यह महत्वपूर्ण सत्र ऋण वसूली अधिकरण के जयपुर स्थित कार्यालय में संपन्न होगा। इस आयोजन का प्राथमिक ध्येय न्यायिक विलंब को कम करना और बैंकिंग व वित्तीय विवादों में उलझे पक्षकारों को राहत प्रदान करना है।
ऋण वसूली अधिकरण जयपुर के रजिस्ट्रार श्री कपिल सिधाना ने इस आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विशेष लोक अदालत के माध्यम से बैंकिंग एवं वित्तीय मामलों से जुड़े लंबित विवादों को आपसी सहमति से शीघ्र निपटाने का एक स्वर्णिम अवसर प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल से न केवल न्यायिक प्रक्रिया की गति में तीव्रता आएगी, बल्कि इससे संबंधित पक्षकारों के बहुमूल्य समय और कानूनी व्यय की भी भारी बचत सुनिश्चित होगी। यह मंच विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए एक प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करेगा।
प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने के लिए श्री सिधाना ने जानकारी दी कि लोक अदालत हेतु प्रकरणों को अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं अन्य तमाम हितधारकों के विशेष अनुरोध पर विधिवत सूचीबद्ध किया गया है। मामलों के प्रभावी निस्तारण की संभावनाओं को प्रबल करने हेतु सभी कार्य दिवसों में दोपहर बाद विशेष प्री-काउंसलिंग सत्रों का भी आयोजन किया जा रहा है, ताकि पक्षकारों के मध्य संवाद स्थापित कर आपसी सहमति की आधारभूमि तैयार की जा सके। यह रणनीतिक कदम वैकल्पिक विवाद निपटान प्रणाली को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ डीआरटी में लंबित मामलों के बोझ को कम करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। संबंधित पक्षकार विस्तृत जानकारी एवं सहयोग हेतु सीधे ऋण वसूली अभिकरण जयपुर से संपर्क स्थापित कर सकते हैं।

