जयपुर पेयजल संकट: कलेक्टर संदेश नायक ने दिए 48 घंटे में खराब हैंडपंप सुधारने के निर्देश
आमेर के कुकस और खोरा मीना में औचक निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने पीएचईडी को तकनीकी खामियां दूर करने और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

राजस्थान की राजधानी में भीषण गर्मी की दस्तक के साथ ही संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए जयपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला कलेक्टर संदेश नायक के कड़े रुख और सक्रियता ने स्पष्ट कर दिया है कि पानी की किल्लत को लेकर किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिला कलेक्टर के निर्देशों के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मैदानी स्तर पर मोर्चा संभाल लिया है। पेयजल व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति परखने के लिए स्वयं जिला कलेक्टर संदेश नायक ने आमेर तहसील के कुकस और खोरा मीना जैसे ग्रामीण क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी हकीकत देखते हुए सख्त लहजे में निर्देश दिए कि ग्रामीण अंचलों में किसी भी कीमत पर पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए और जल स्रोतों की निरंतर उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
पेयजल आपूर्ति की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि क्षेत्र के तमाम चिन्हित खराब हैंडपंपों को आगामी 48 घंटों के भीतर अनिवार्य रूप से दुरुस्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि तकनीकी खामियों के चलते कोई भी जल स्रोत बंद नहीं रहना चाहिए और यदि इस अति-आवश्यक कार्य में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आई, तो उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने इस मुहिम को गति देने के लिए आमेर उपखंड क्षेत्र में विशेष तकनीकी टीमों की तैनाती कर दी है, जो गांव-गांव जाकर मौके पर ही हैंडपंपों की मरम्मत का कार्य पूर्ण करेंगी।
व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए उपखंड अधिकारियों को प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट कलेक्ट्रेट भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मरम्मत कार्यों की सतत निगरानी की जा सके। आमजन की सुविधा के लिए प्रशासन ने राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) और पीएचईडी हेल्पलाइन (1800-180-6088) को सक्रिय रखा है, जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन हर द्वार तक स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जयपुर जिला प्रशासन का यह त्वरित कदम न केवल आगामी संकट की पूर्व तैयारी है, बल्कि सरकारी तंत्र की संवेदनशीलता और जवाबदेही का एक ठोस उदाहरण भी पेश करता है।

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